242 पशुपालकों को मिले चयन पत्र, स्वदेशी गाय पालन के लिए मिलेगा 80 हजार तक अनुदान

 


मीरजापुर, 23 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत मंगलवार को दुग्ध विकास कार्यालय में 242 लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने चयनित पशुपालकों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए उन्हें योजना का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार गो-संरक्षण और गो-संवर्धन के साथ ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी तथा आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि योजना के तहत जिले के 121 महिला एवं 121 पुरुष सहित कुल 242 लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत दो उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए कुल लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है। साथ ही लम्पी जैसी बीमारियों से प्रभावित संकर नस्लों पर निर्भरता कम करना भी इसका लक्ष्य है।

चयन पत्र मिलते ही खिले चेहरे

चौहानपट्टी की सुनिता यादव ने बताया कि योजना उनके लिए आत्मनिर्भरता का माध्यम बनेगी। घर पर ही रोजगार मिलने के साथ परिवार की जरूरत के लिए दूध भी उपलब्ध होगा और अतिरिक्त दूध बेचकर आमदनी बढ़ेगी।

वहीं पहाड़ा निवासी उषा देवी ने कहा कि उन्नत नस्ल की गायें खरीदना उनके लिए संभव नहीं था, लेकिन सरकारी सहायता मिलने से अब वह गाय खरीदकर दुग्ध व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इससे परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कार्यक्रम में विंध्याचल मंडल के डीडीओ अखिलेंद्र मिश्रा समेत विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा