डीएपी के इंतजार में किसान परेशान, भुगतान के बाद भी समिति को नहीं मिली खाद
मीरजापुर, 08 जुलाई (हि.स.)। ददरा हिनौता सहकारी समिति राजगढ़ में डीएपी खाद का स्टॉक समाप्त होने से बुधवार को बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि धान की रोपाई के अहम समय पर खाद उपलब्ध न होने से खेती प्रभावित हो रही है।
समिति के सचिव दिनेश सिंह ने बताया कि दो जुलाई को डीएपी की आपूर्ति के लिए 10.60 लाख रुपये की धनराशि जिला सहकारी बैंक, राजगढ़ के माध्यम से जमा करा दी गई थी, लेकिन एक सप्ताह बाद भी खाद की खेप समिति तक नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि जून में समिति को 800 बोरी डीएपी और 1352 बोरी यूरिया मिली थी। वर्तमान में केवल 70 बोरी डीएपी बची थी, जिसका वितरण बुधवार को कर दिया गया। अब डीएपी का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया है।
उन्होंने बताया कि समिति से करीब सात हजार किसान सदस्य जुड़े हैं और हर वर्ष लगभग आठ करोड़ रुपये का खाद वितरण होता है। मानसून की पहली बारिश के बाद धान की रोपाई शुरू होने से डीएपी की मांग अचानक बढ़ गई है।
खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने एडीसीओ सोनिया टंडन और एआर कोऑपरेटिव अमित कुमार पांडेय से फोन पर वार्ता कर तत्काल डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने किसानों को 24 घंटे के भीतर समिति पर डीएपी की खेप उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती का कार्य प्रभावित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा