पोल्ट्री कॉन्क्लेव में वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन पर जोर
- वैज्ञानिक कुक्कुट पालन से बढ़ेगी किसानों की आय
मीरजापुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। पशुपालन विभाग, विंध्याचल मंडल की ओर से शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मंडल स्तरीय एक दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें वैज्ञानिक तरीके से कुक्कुट पालन अपनाने, बीमारियों से बचाव और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त रमेश चंद्र रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि अपर निदेशक पशुपालन-द्वितीय डॉ. हेमलता शर्मा उपस्थित रहीं। संचालन डॉ. अजय कुमार दुबे ने किया। वक्ताओं ने कहा कि कुक्कुट पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।
लखनऊ से आए संयुक्त निदेशक (पोल्ट्री) डॉ. मनीष सचान ने पोल्ट्री फार्म में जैव सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जैव सुरक्षा के नियमों का पालन करने से बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है। डॉ. विजय कुमार शर्मा ने आधुनिक पोल्ट्री प्रबंधन की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने उन्नत नस्लों के चयन, संतुलित आहार, गुणवत्तापूर्ण फीड, साफ-सफाई और समय पर टीकाकरण के बारे में बताया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन सहित विभिन्न अनुदान योजनाओं और बैंक ऋण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कॉन्क्लेव में मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र से आए प्रगतिशील पोल्ट्री पालकों ने अपने अनुभव साझा किए और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार, डॉ. बृजेश त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. सुभाष सिंह सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में पोल्ट्री फार्म संचालक मौजूद रहे। अंत में अधिकारियों ने पालकों को तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा