मीरजापुर में क्रेशर प्लांटों की धूल से घुट रहा ग्रामीणों का दम, प्लांट बंद कराने की मांग तेज
- मानकों की अनदेखी का आरोप, चारों ओर से उड़ती धूल-पत्थर से जनजीवन प्रभावित
मीरजापुर, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में अहरौरा थाना क्षेत्र के भगोतीदेई गांव के ग्रामीणों ने मानकों के विपरीत आबादी के बीच संचालित क्रेशर प्लांटों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इन प्लांटों को तत्काल बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के चारों दिशाओं में बड़े-बड़े क्रेशर प्लांट संचालित हो रहे हैं, जिनसे उड़ने वाली धूल और पत्थर के कणों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। घरों में रोजाना धूल की मोटी परत जम रही है, वहीं सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों, घरों में महिलाओं और बुजुर्गों को खासतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई प्लांटों पर न तो बाउंड्री वाल है और न ही धूल नियंत्रण करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसका असर खेती पर भी पड़ रहा है और फसलें बर्बाद हो रही हैं। साथ ही पेड़-पौधे सूखते जा रहे हैं। यहां तक कि भोजन में भी धूल के कण पहुंच रहे हैं।
ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह के नेतृत्व में संपूर्णानंद, रमेश चंद्र, बसंत सिंह, अच्युतानंद, पंकज कुमार, जय प्रकाश, सुरेश सिंह समेत दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा