गोरखपुर : होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राम रतन बनर्जी का निधन, यश भारती सम्मान से थे अलंकृत

 


गोरखपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक, यश भारती सम्मान से अलंकृत और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय डॉ. राम रतन बनर्जी का आज़ निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे।

डॉ. बनर्जी की पहचान एक अनुभवी चिकित्सक के साथ अनुशासनप्रिय, समय के पाबंद और संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में रही। उन्होंने लगभग 67 वर्षों के लंबे चिकित्सकीय जीवन में होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों के संगठन और आम जनता में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए कार्य किया। डॉ. राम रतन बनर्जी का जन्म 3 जून 1936 को गोरखपुर में हुआ था। डॉ. बनर्जी ने वर्ष 1959 में होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा शुरू की। गोरखपुर के बेनीगंज-रानीगोला स्थित संतोष होमियो सेवाश्रम उनकी चिकित्सकीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। उन्होंने निर्धन और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और औषधि वितरण कार्यक्रमों को महत्व दिया।

2016 में यश भारती सम्मान से हुए अलंकृत

चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में उन्हें प्रतिष्ठित यश भारती सम्मान से अलंकृत किया। वह होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की गोरखपुर इकाई के लगभग एक दशक तक अध्यक्ष रहे। गोरखपुर जिला होम्योपैथिक एसोसिएशन तथा होम्योपैथिक लीग से भी नेतृत्वकारी भूमिकाओं में जुड़े रहे। हिंदी, अंग्रेजी, बंगला और भोजपुरी पर उनकी अच्छी पकड़ थी। वह लैटिन भाषा से भी परिचित थे। डॉ. राम रतन बनर्जी गोरखपुर की ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी बंगाली समिति के संरक्षक थे। डॉ. बनर्जी विद्यार्थी जीवन में हॉकी और फुटबॉल के अच्छे खिलाड़ी रहे। वर्ष 1951 से 1954 के दौरान वह सेंट एंड्रयूज कॉलेज की हॉकी टीम के कप्तान रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय