विंध्याचल के 28 दानपात्र खुले, निकले 41.40 लाख रुपये
- विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर के दानपात्रों से निकली धनराशि
मीरजापुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों के 28 दानपात्रों में जमा धनराशि की दो दिन चली गणना गुरुवार को पूरी हो गई। सभी दानपात्रों से कुल 41 लाख 40 हजार 442 रुपये प्राप्त हुए। धनराशि की गिनती पंडा समाज के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पुलिस सुरक्षा के बीच कराई गई।
बुधवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर के दो दानपात्र खोले गए थे। इनमें 20 लाख 37 हजार 259 रुपये मिले। गुरुवार को विंध्यवासिनी मंदिर के शेष 24 दानपात्रों के साथ अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर के एक-एक दानपात्र खोले गए। इन 26 दानपात्रों से 21 लाख तीन हजार 183 रुपये प्राप्त हुए।
दानपात्रों की गणना नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में हुई। राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के दो कैशियर ने नोटों और सिक्कों की गिनती की। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।
अमीन विजय शंकर दुबे ने बताया कि गणना पूरी होने के बाद प्राप्त धनराशि को विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक की विंध्याचल शाखा स्थित खाते में जमा कराया गया। दानपात्रों में बड़ी संख्या में नोटों और सिक्कों का मिलना मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और उनके द्वारा किए गए दान का प्रमाण रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा