मां विंध्यवासिनी के दानपात्रों में उमड़ी श्रद्धा, तीन पेटिकाओं से निकले 22 लाख रुपये

 


मीरजापुर, 01 जून (हि.स.)। विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्रों को सोमवार को खोला गया। पुलिस और राजस्व विभाग की निगरानी में हुई गिनती में तीन दानपात्रों से कुल 22 लाख 18 हजार 195 रुपये प्राप्त हुए। प्राप्त धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक की विंध्याचल शाखा में विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के खाते में जमा करा दिया गया।

नवरात्र मेले के लगभग दो माह बाद एक बार फिर मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों को खोला गया। नायब तहसीलदार गरिमा यादव की देखरेख में दानपात्रों से निकली धनराशि की गिनती मंदिर की छत पर स्थित श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में कराई गई। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई।

दानपात्रों से निकले नोटों और सिक्कों की गिनती सुबह शुरू होकर देर रात तक चलती रही। गिनती में 21 लाख 61 हजार 695 रुपये के नोट तथा 56 हजार 500 रुपये के सिक्के मिले। इस प्रकार कुल धनराशि 22 लाख 18 हजार 195 रुपये प्राप्त हुई।

अधिकारियों के अनुसार मंदिर में स्थापित अन्य दानपात्रों को मंगलवार को सुबह 10 बजे खोला जाएगा। शेष दानपात्रों में प्राप्त धनराशि की गिनती भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी।

रुपयों की गिनती के दौरान विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी सहित संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरेंद्र दुबे, अनिल सोनकर, इश्तियाक बेग, महबूब आलम, विजय श्याम पांडेय, चंद्रमणि तिवारी, ज्ञानेंद्र पाठक, शमशेर अली, लक्ष्मीकांत, शिव कुमार, मुकेश बिंद, महेश सोनकर, लवकुश तिवारी, संजय श्रीवास्तव, राकेश सोनकर समेत कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा