वाराणसी : धनतेरस -दीपावली पर्व पर झालर, बर्तन और मूर्तियाें की दुकानें सजीं, खरीददाराें में उत्साह का माहौल

 




वाराणसी, 05 नवम्बर (हि. स.)। वाराणसी में धनतेरस और दीपावली पर्वो की तिथि से पहले बाजारों में बर्तन की दुकानों, गणेश लक्ष्मी जी की मूर्तियों और मिठाई के दुकानों, झालर - बत्ती की दुकानों और कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है। शहर के लोगों में अच्छे झालरों को खरीदने को लेकर उत्सुकता है तो मिट्टी से सुंदर सजावट कर बनाई गई गणेश लक्ष्मी जी की मूर्तियों को अपने घर ले जाने के लिए भी उत्साह का माहौल बना हुआ है।

शहर के चेतगंज बाजार में झालर की बिक्री कर रहे अनूप गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष से इस वर्ष में झालरों की नई रेंज बाजार में आई है। भारतीय बिजली झालरों को पांच रंग का तैयार कराया गया है, जो कि चाइना झालरों से भी ज्यादा सुंदर दिखती है। इसके मूल्य को मात्र चालीस रूपये प्रति के दर पर रखा गया है। इस वर्ष यह पांच रंग वाली झालर आकर्षण का केंद्र रहने वाली है। इसके अलावा दो रंग, तीन रंग वाली झालर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है।

लहुराबीर में बर्तन दुकान पर खरीदारी करने पहुंचे संदीप राय ने कहा कि धनतरेस के दिन नए बर्तन में रखकर गणेश लक्ष्मी जी की पहले पूजा होती है। फिर, मूर्तियों को पूजा स्थान पर रखा जाता है। वही, दीपावली के दिन पूजा में भी नए बर्तन का उपयोग होता है। उन्होंने दो थालियां और दो कटोरी खरीदी है।

नदेसर में केशरी क्लोथ स्टोर के मालिक और उनकी पत्नी ने पर्व के अवसर पर खरीदारी के उत्साह पर कहा कि त्यौहारों के मौसम में कपड़ों की खरीदारी होती है तो दुकानदारों का भी खजाना बढ़ता है। दीपावली पर्व पर लोगों में नए कपड़े खरीदने को लेकर धीरे धीरे उत्साह बढ़ रहा है। धनतेरस से दीपावली के बीच जब छुट्टियां होती है, तभी महिलाएं खरीदारी के लिए निकलती है। बच्चों के कपड़ों की बिक्री भी तेजी से बढ़ती है।

बता दें कि दीपवाली पर्व पर मूर्तियों की खरीदारी करने वाले लोगों में जितना उत्साह दिखाई देता है, उससे कई ज्यादा उत्साह मूर्तियों को बनाने वाले कामकाजी लोगों या कारीगरों में दिखाई देता है। मूर्तियों को बेचने के लिए वाराणसी में करीब दो सौ से ज्यादा दुकानें लगती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद