पुलिस की वर्दी संविधान, राष्ट्र और जनविश्वास की रक्षा का सार्वजनिक संकल्प: पुलिस महानिदेशक

 


— डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय समेत सभी पुलिस कार्यालयों में हुआ ध्वजारोहण

लखनऊ, 15 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। इस दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले पुलिस अफसरों को सम्मानित किया। पुलिस मुख्यालय के अलावा सभी पुलिस कार्यालयाें और रिजर्व पुलिस लाइन में ध्वजारोहण हुआ।

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर डीजीपी ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले असंख्य ज्ञात-अज्ञात सेनानियों एवं कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। डीजीपी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की वर्दी केवल कानून लागू करने का अधिकार नहीं, बल्कि संविधान, राष्ट्र और जनविश्वास की रक्षा का सार्वजनिक संकल्प है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस को सिटीजन फर्स्ट, ट्रस्ट बेस्ड और टेक्नोलॉजी ड्राइवन पोलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट प्रेरेडेक्टिव एवं इंटेलिजेंस पोलिसिंग को भविष्य की कार्यसंस्कृति बनाने का आह्वान किया। जहां संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ एआई, डाटा ऐनेलाइसेस, साइबर इंटेलिजेंस और डिजिटल इेन्वेस्टिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकें पुलिसिंग को और प्रभावी बनाएं।

इस अवसर पर एसटीएफ के वीर निरीक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार को अदम्य साहस एवं कर्तव्य की वेदी पर दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ तथा एक अन्य साहसिक अभियान में असाधारण वीरता के लिए ‘गैलेण्ट्री मेडल’ से सम्मानित किए जाने पर गौरव व्यक्त करते हुए उनके शौर्य को नमन किया गया। विभिन्न पदकों एवं अलंकरणों से सम्मानित पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों को भी बधाई दी गई।

राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का स्मरण करते हुए यह संकल्प दोहराया गया कि— हर घर पर तिरंगा लहराए,

हर हृदय में ‘वन्दे मातरम्’ गूंजे, और उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रत्येक कदम राष्ट्र, संविधान और जनविश्वास की रक्षा के लिए समर्पित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक