कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं : पुलिस महानिदेशक

 


लखनऊ, 13 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेश (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सर्वप्रथम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन-2025 (पुलिस मंथन) के सफल क्रियान्वयन के सभी अधिकारियों को बधाई दी गयी। ये भी बताया गया कि सम्मेलन के 11 सत्रों में रखे गये सभी प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री योगी स्वीकृति मिल गई हैं।

डीजीपी ने बताया कि शासन की अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में चिन्हित अपराधियों एवं माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखी जाये । अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही और ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मिशन शक्ति केन्द्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों के सफल क्रियान्वयन के पूरे प्रदेश से अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं । चलाये जा रहे जागरूकता अभियानों के माध्यम से, पुलिस विभाग की छवि में निरन्तर सुधार हो रहा है और जनता के साथ अधिक सकारात्मक संबंध बन रहे है।

डीजीपी ने निर्देश दिये कि पूर्व में मिशन शक्ति केंद्रों की समीक्षा के दौरान प्राप्त हुए लाभप्रद योजनाओं को सभी जिलों के पुलिस अधिकारी अपने यहाँ क्रियान्वित कराते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता एवं सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति केन्द्रों को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोपयोगी बनाया जाये।

'जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट' अभियान के प्रथम चरण में प्रदेश के 20 जनपदों में लागू किये जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। इसके दृष्टिगत अब इस अभियान को द्वितीय चरण में प्रदेश के शेष सभी 55 जिलों में लागू किया जायेगा। इस अभियान को पूरे प्रदेश में सफल बनाने के लिए जागरूकता एवं तकनीकी उपायों को और अधिक सुदृढ़ करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाये ।

राज्य स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान यूपी पुलिस द्वारा लांच किये गये यक्ष ऐप के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए पूर्व में संचालित ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट प्रहरी आदि के माध्यम से चलाये जा रहे अभियानों को इस ऐप में समाहित किया गया है। इस ऐप के संचालन के लिए एक एसओपी तैयार कर सभी को प्रेषित की जा चुकी है। सभी अधिकारी उस एसओपी का अक्षरशः अनुश्रवण कर ले तथा उसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में यक्ष ऐप में फीड किये गये सभी डाटा का आरक्षी से लेकर प्रत्येक स्तर पर उसकी जाँच करा ले, ताकि पूर्व में फीड डाटा में यदि कोई त्रुटि या कमी रह गयी हो तो उसको सही किया जा सकें ।

यक्ष ऐप में अपराधियों की पहचान के Al Powered Facial Recognition एवं Al Powered Voice Search की व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे घटना के अनावरण व अपराधों के रोकथाम में मदद मिलेगी । उन्होंने इस ऐप के प्रभावी उपयोग, प्रशिक्षण एवं फील्ड स्तर पर इसके अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिये हैं।।

पुलिस महानिदेशक ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिये गये दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता एवं जनसेवा के स्तर को निरन्तर सुदृढ़ किया जाये।

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक