माता की चौखट पर श्रद्धा से झुके शीश, ब्रह्मचारिणी स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
मीरजापुर, 20 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को जगत जननी मां विंध्यवासिनी की चौखट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर में मंगला आरती और भव्य श्रृंगार पूजन के बाद भक्तों ने मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का दर्शन कर मंगल कामनाएं कीं।
देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु गंगा स्नान कर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद धाम पहुंचे और माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर निहाल हो उठे। मंदिर परिसर में घंटा, घड़ियाल, शंख और नगाड़ों की गूंज के बीच “जय मां विंध्यवासिनी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंदिर में सुबह से देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। हालांकि दोपहर के समय भीड़ कुछ कम दिखी, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं रही। धाम की छतों पर साधक अनवरत पूजन-अनुष्ठान में लीन रहे, वहीं अष्टभुजा पहाड़ पर भी संत-महात्मा मंत्रोच्चार के बीच साधना करते नजर आए।
त्रिकोण परिक्रमा पथ स्थित महाकाली और मां अष्टभुजी के मंदिरों में भी दिनभर दर्शन-पूजन जारी रहा। गुड़हल, कमल और गुलाब के फूलों से सजे मां के भव्य श्रृंगार का दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था की गई है। गंगा घाटों पर स्नान के लिए भी भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्शन के बाद श्रद्धालु बाजारों में घूमकर खरीदारी करते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आईजी आरपी सिंह ने मंदिर और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। वहीं श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी भी दर्शनार्थियों की सेवा में सक्रिय रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा