नागरी प्रचारिणी सभा की द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी में बही काव्य की रसधार

 


देवरिया, 09 अगस्त (हि.स.)। नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया की द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कार्यक्रम में कवियों ने गीत, गजल, कविता और व्यंग्य के माध्यम से श्रोताओं को साहित्य और संवेदनाओं से जोड़ा।

कार्यक्रम की शुरुआत मां वीणापाणि की वंदना से हुई। मुख्य अतिथि जयंती ओझा, सभाध्यक्ष डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्र कुमार दीक्षित और सरोज कुमार पाण्डेय ने धूप-दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती की अभ्यर्थना की। क्षमा श्रीवास्तव ने वाणी वंदना प्रस्तुत की।

गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने मानव पीड़ा और संवेदना पर आधारित गीत प्रस्तुत कर गोष्ठी को सार्थक दिशा दी। भीम प्रजापति ने सावन की मनोहारी छटा को गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। विनय कुमार पाठक ने गजल के जरिए प्रेम और भावनाओं को अभिव्यक्ति दी। गजलकार फिगार देवरियावी ने मानवता और देशप्रेम से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।

कुशीनगर से आए सच्चिदानंद पाण्डेय ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर केंद्रित कविता प्रस्तुत की। ताज मुहम्मद ने अपनी गजल से श्रोताओं की तालियां बटोरीं। गीतकार रामेश्वर तिवारी राजन ने भोजपुरी गीत के माध्यम से देश की शान और विरासत को बचाने का संदेश दिया। कप्तानगंज से आए व्यंग्य कवि जगदीश खेतान ने हास्य-व्यंग्य से भरपूर कविता प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया।

मुख्य अतिथि जयंती ओझा ने अपनी पुस्तक ‘मणिकर्णिका’ को लेकर कहा कि यह उनके लिए केवल पुस्तक नहीं, बल्कि संवादों का तीर्थ है। उन्होंने कहा कि किताबों का सफर शब्दों से आगे जाता है, जिसमें हर पाठक अपना अर्थ तलाशता है। उन्होंने ‘मिट्टी और मूर्ति’ शीर्षक कविता भी सुनाई। गोष्ठी में सुदीप मणि, राम मनोहर मिश्र मिहिर, सरोज कुमार पाण्डेय, इंद्र कुमार दीक्षित, विनोद कुमार अग्रवाल, क्षमा श्रीवास्तव, रविनंदन सैनी, शफीकुर्रहमान, विनोद पाण्डेय, सौदागर सिंह, योगेंद्र तिवारी योगी, कौशल किशोर मणि, डॉ. रीना मिश्रा, पार्वती देवी गौरा, लालता प्रसाद चौधरी, रमिता जायसवाल, डॉ. एसएन मणि, शिखा गौड़, रमेश मिश्र सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

मुख्य अतिथि जयंती ओझा और जगदीश खेतान को उत्तरीय भेंटकर सम्मानित किया गया। संचालन रंजीता श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर नित्यानंद तिवारी, सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, रवींद्र नाथ तिवारी, डॉ. मधुसूदन मिश्र, अवनीश त्रिपाठी, कौशल कुमार मिश्र, सुबास राय, गिरिजेश मिश्र, राम प्रसाद तिवारी, पुण्य देव मणि त्रिपाठी, श्वेतांक मणि त्रिपाठी, जगदीश उपाध्याय, प्रेम जीवन पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक