देवरिया के चिकित्सा महाविद्यालय को पहली बार देह दान से मिला मानव शरीर : प्राचार्या
देवरिया, 19 अगस्त (हि.स.) । उत्तर प्रदेश के महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया के एनाटॉमी विभाग को पहली बार देह दान के माध्यम से मानव शरीर प्राप्त हुआ है। आश्रम ‘अपना घर’ के सहयोग से मिली इस देह का उपयोग मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और प्रायोगिक प्रशिक्षण में किया जाएगा।
एनाटॉमी विभाग वर्ष 2021 से मेडिकल विद्यार्थियों के लिए देह दान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा था। लंबे प्रयासों के बाद विभाग को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। 62 वर्षीय श्रीमती मीनाक्षी देवी का छाती में संक्रमण के कारण निधन हुआ था। उनके परिजनों ने मानव शरीर को चिकित्सा शिक्षा और भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए दान करने का सराहनीय निर्णय लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रजनी के प्रयास और सहयोग से देह को वाराणसी से समय पर मेडिकल कॉलेज लाया गया। सूचना मिलते ही प्रभारी देह दान डॉ. शालिनी गुप्ता ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई। देह मिलने के बाद एनाटॉमी विभाग में अब 10 से अधिक मृत मानव शरीर मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का प्रत्यक्ष अध्ययन करने, डिसेक्शन की विधि समझने तथा सैद्धांतिक और प्रायोगिक शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। महाविद्यालय प्रशासन ने श्रीमती मीनाक्षी देवी के परिजनों के इस अमूल्य और समाज हितकारी योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। प्राचार्या डॉ. रजनी ने कहा कि उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सकों की शिक्षा में हमेशा याद रखा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक