कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज हाेगी प्राथमिकी
देवरिया, 22 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितता के मामले में विकासखंड भलुवनी की ग्राम पंचायत सुरहा के उचित दर विक्रेता प्रेमशंकर दीक्षित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हाेगी। जांच में खाद्यान्न वितरण और स्टॉक में गंभीर गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी संजय पाण्डेय और अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) रामाशंकर की संस्तुति पर कराई गई जांच में कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए । जिला पूर्ति अधिकारी संजय पाण्डेय ने बताया कि स्टॉक का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान वितरण में अनियमितता की पुष्टि होने पर उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही दुकान पर उपलब्ध खाद्यान्न को दूसरी उचित दर दुकान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे। उन्हानें बताया कि निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर नायब तहसीलदार और पूर्ति निरीक्षक की संयुक्त टीम ने दुकान का ताला खुलवाकर भौतिक सत्यापन कराया। जांच में रिकॉर्ड की तुलना में 7.60 कुंतल गेहूं, 75.23 कुंतल चावल और 24 किलोग्राम चीनी कम पाई गई।
अधिकारियों के अनुसार यह खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर के अनुसार दुकान में उपलब्ध होना चाहिए था। स्टॉक में मिली भारी कमी को गंभीर अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के अनुमोदन के बाद संबंधित उचित दर विक्रेता के खिलाफ धारा 3/7 के तहत संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की अनुमति दे दी गई है। जिला प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न की हेराफेरी, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को समय पर और पूरी मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए दोषी उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक