प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समन्वित ढंग से संचालित किये जाएं राहत एवं बचाव कार्य : मुख्य सचिव

 


बैठक में सर्पदंश न्यूनीकरण, डॉप्लर रडार व आपदा प्रबंधन के लिए लिए 66.43 करोड़ के नवीन प्रस्ताव स्वीकृत

राज्य आपदा मोचक निधि से जारी कुल 407.05 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों का मिला कार्योत्तर अनुमोदन

लखनऊ, 01 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित ढंग से संचालित किया जाए।

राज्य कार्यकारिणी समिति ने प्रदेश के 18 जनपदों में सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम संचालित किए जाने के लिए 2.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही, आपदा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता राशि के मानक एवं दरों का प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन पर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए 1.73 करोड़ रुपये मंजूरी प्रदान की गई। प्रति ग्राम पंचायत भवन वॉल पेंटिंग पर 300 रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी।

बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में आपदा प्रबंधन के लिए वर्चुअल कैडर के गठन को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से 33 करोड़ 92 लाख की स्वीकृति दी गई।

प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान एवं आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए लखनऊ, झांसी, वाराणसी, अलीगढ़ एवं आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना के लिए 1.54 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में पीएसी की 17 फ्लड कंपनियों के आधुनिकीकरण तथा खोज एवं बचाव कार्यों को अधिक गतिशील एवं प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक वाहनों की उपलब्धता के लिए 26.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। इस बजट के माध्यम से 51 मिनी ट्रक, 51 मिनी बस 32 सीटर, 51 पिकप व्हीकल क्रय किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जिलाधिकारियों को विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीआरएफ) से जारी वित्तीय स्वीकृतियों का कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इससे पहले राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने अवगत कराया कि 31 मई 2026 तक विभिन्न आपदाओं से प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए कुल 407.05 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इनमें बाढ़ राहत के लिए 109.84 करोड़ रुपये, ओलावृष्टि से प्रभावित जनपदों के लिए 108.09 करोड़ रुपये, अग्निकांड से प्रभावित परिवारों के लिए 35.82 करोड़ रुपये, शीतलहर के दौरान निराश्रित परिवारों की सहायता के लिए 25.38 करोड़ रुपये तथा बेमौसम भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना एवं सर्पदंश जैसी अन्य आपदाओं के लिए 127.91 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई।

बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व अर्पणा यू. सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा