झोलाछाप डॉक्टर पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, अवैध क्लीनिक सील

 


मीरजापुर, 16 जुलाई (हि.स.)। अपर निदेशक स्वास्थ्य विंध्याचल मंडल एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ड्रमंडगंज क्षेत्र के रतेह चौराहा, देवरी उत्तर गांव में संचालित एक अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। कार्रवाई से क्षेत्र में बिना पंजीकरण क्लीनिक संचालित करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कंप मच गया।

उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार सिंह, डॉ. आर.एन. सिंह और डॉ. विनीत की टीम ने मौके पर पहुंचकर संचालक एबी यादव से क्लीनिक के पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे। कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर टीम ने क्लीनिक को सील कर नोटिस जारी कर दिया।

बताया गया कि बबुरा कला गांव निवासी दिनेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की थी कि फरवरी माह में उनकी बेटी का इलाज उक्त झोलाछाप चिकित्सक से कराया गया था। आरोप है कि गलत दवा देने से उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे बीएचयू वाराणसी में भर्ती कराना पड़ा। पीड़िता का उपचार अब भी जारी है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवैध रूप से संचालित क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण चिकित्सा सेवाएं देने वालों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में संचालित अन्य झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा