मनरेगा बचाने को कांग्रेस का उपवास, ‘रोजगार छीनने’ का आरोप
मीरजापुर, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने शहीद उद्यान, नारघाट में एक दिवसीय उपवास कर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय के निर्देश पर आयोजित इस उपवास कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार सिंह पटेल ने किया।
उपवास पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे समाप्त करने की कोशिश का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार सिंह पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलने की कवायद कर रही है, जो इस योजना को खत्म करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून है, जो हर ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित करता है।
अनुसूचित जाति राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है, लेकिन भाजपा सरकार इसे समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी और आम जनता मिलकर इस जनकल्याणकारी योजना को खत्म नहीं होने देगी।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन पाठक ने केंद्र और प्रदेश सरकार को उद्योगपतियों की सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों का रोजगार छीनकर बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है।
जिला पंचायत सदस्य शिव शंकर चौबे और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं प्रवक्ता मिन्हाज अहमद छोटे खान ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर हमला है और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। उपवास के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा की रक्षा और मजदूरों के हक की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में पूर्व चेयरमैन दीपचंद्र जैन, मनरेगा कोऑर्डिनेटर अर्चना चौबे, राजधर दुबे, सुधाकर, फैज अहमद, इश्तियाक अंसारी, शबनम अंसारी, सतीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा