राम रूपी ज्ञान से दूर होता है रावण रूपी अहंकार : शिखा तिवारी

 


मीरजापुर, 08 नवंबर (हि.स.)।

जमालपुर क्षेत्र के बहुआर गांव स्थित रविन्द्रालय परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का समापन रविवार को हुआ। अंतिम दिन बाल विदुषी शिखा तिवारी ने रामराज्य की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि रावण रूपी अहंकार को राम रूपी ज्ञान से ही दूर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भक्ति और वैराग्य के माध्यम से ज्ञान प्राप्त कर अहंकार, मोह और काम का नाश किया जा सकता है। हनुमान, शबरी और मीराबाई जैसे भक्तों ने भक्ति और वैराग्य के बल पर भगवान को प्रसन्न किया। मनुष्य को भी अहंकार और मोह त्यागकर ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए, तभी जीवन का कल्याण संभव है।

कथा का संचालन रविप्रकाश त्रिपाठी ने किया। इस दौरान नवनिर्वाचित एमएलसी आशुतोष सिन्हा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में चिंतामणि श्रीवास्तव, विजेंद्र सिंह, अशोक दीक्षित, श्रीपति उपाध्याय, सरिता त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, बबलू चौबे, राजेश दूबे, राजकुमार तिवारी और वरुण प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा