योगी सरकार ने कानपुर के मोहम्मद फुरकान को स्वरोजगार की दिखाई राह, बने रेडीमेड गारमेंट कारोबार के मालिक

 


-सीएम युवा उद्यमी योजना की मदद से खड़ा किया कपड़ों का कारोबार

-अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार का जरिया बना फुरकान का व्यवसाय

कानपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों और स्वरोजगार योजनाओं ने राज्य के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। कभी दूसरों के यहाँ काम करने वाले कानपुर के स्नातक युवा मोहम्मद फुरकान आज खुद की रेडीमेड गारमेंट कारोबार के मालिक हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत प्रोत्साहन और वित्तीय सहयोग पाकर फुरकान ने न केवल अपना कारोबार शुरू किया, बल्कि अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार से जोड़कर स्वावलंबन की मिसाल पेश की है।

कानपुर के चमनगंज के मोहम्मद फुरकान ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद गारमेंट सेक्टर का अनुभव हासिल करने के लिए शुरुआती दिनों में बाहर काम किया। काम की बारीकियां सीखने के बाद उनके मन में खुद का उद्यम स्थापित करने का विचार आया। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री युवा योजना के सहयोग से 4.25 लाख रुपये की लागत से उन्होंने अपनी खुद की रेडीमेड गारमेंट यूनिट की नींव रखी। फुरकान की यहाँ खासतौर पर लेडीज वियर तैयार किए जाते हैं।

व्यापार को कुशलता से चलाने के लिए फुरकान ने अपनी इकाई में सिलाई मशीन और एक बॉयलर लगाया है, जबकि कटिंग का काम वे बाहर से कराते हैं। वर्तमान में उनकी इस इकाई में 2 कुशल कारीगरों समेत कुल 4 लोग काम कर रहे हैं। फुरकान खुद उत्पाद की गुणवत्ता और मार्केटिंग की कमान संभालते हैं। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि आज उनका यह कारोबार न केवल कानपुर, बल्कि पड़ोसी जिले उन्नाव तक फैल चुका है। अभी काम शुरू ही हुआ है और वे हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। सीजन में 30 से 40 हज़ार या इससे भी ज़्यादा की उन्हें उम्मीद है।

इस संबंध में उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पढ़े-लिखे युवाओं को 'जॉब क्रिएटर' बनाना है। मोहम्मद फुरकान जैसे कर्मठ युवा इस नीति की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। जिला उद्योग केंद्र ऐसे सभी होनहार उद्यमियों को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक मदद देने के लिए लगातार तत्पर है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप