मीरजापुर : युवा उद्यमियों के 662 आवेदन लंबित, जिलाधिकारी ने एक सप्ताह में मांगी कमियों की सूची

 


- बैंकवार समीक्षा में ऋण स्वीकृति और वितरण तेज करने के निर्देश, बोले- पात्र युवाओं को न लगवाएं चक्कर

मीरजापुर, 03 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की प्रगति को लेकर गुरूवार को मीरजापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैंकवार स्थिति की समीक्षा में 662 आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने पात्र आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करते हुए ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। ऐसे में पात्र युवक-युवतियों को योजना का लाभ दिलाना संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि आवेदनों की पारदर्शी जांच कर अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों से कहा कि निस्तारण योग्य आवेदनों का तत्काल निस्तारण करें। जिन आवेदनों में कमियां हैं, उनकी सूची तैयार कर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदकों को समय से कमियां बताकर उन्हें दूर कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी आवेदक को बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।

उद्योग विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि बैंक से अस्वीकृत आवेदनों की कमियां दूर कर उन्हें पुनः बैंक को भेजा जाए। वहीं, लीड बैंक प्रबंधक को लंबित आवेदनों की बैंकवार और क्लस्टरवार सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र युवाओं को आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और योजना के लाभ की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं से स्थानीय स्तर पर नए उद्यम और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बैठक में सीडीओ विशाल कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग रेशमा आरा, लीड बैंक प्रबंधक आनंद कुमार झा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा