मुख्यमंत्री योगी के महादेवा आने की संभावना पर तैयारियाें में जुटा प्रशासन

 


बाराबंकी, 18 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 20 जुलाई को महादेवा धाम आने की संभावना के बीच जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन शासन स्तर पर चल रही गतिविधियों के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए मंदिर परिसर, हेलीपैड, जनसभा स्थल और वीआईपी मार्गों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही शासन से अंतिम कार्यक्रम प्राप्त होगा, सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर भाजपा संगठन भी सक्रिय हो गया है। पार्टी पदाधिकारी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ कर दिया जाएगा तथा सभी विभागों की संयुक्त टीम मौके पर तैनात रहेगी।

चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ लोधेश्वर महादेवा धाम में प्रस्तावित महादेवा कॉरिडोर के शिलान्यास कर सकते हैं। इसकाे लेकर भी प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। वहीं, महादेवा कॉरिडोर को लेकर स्थानीय व्यापारियों, श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों में उत्साह देखा जा रहा हैं। उनका मानना है कि परियोजना के पूरा होने से रामनगर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय पुजारी पं. श्यामू अवस्थी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के हाथों कॉरिडोर का शिलान्यास होता है तो यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।

लोधेश्वर महादेवा धाम प्रदेश के प्रमुख शिवधामों में शामिल है। सावन माह और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने पर जाम, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं की समस्या सामने आती रही है। कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी