योगी सरकार में ज्ञान की नई उड़ान, परीक्षा की तैयारी को मिलेगा संकल्प और रणनीति का संबल
- कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं की तैयारी और अकादमिक रणनीति पर होगा मंथन
- शैक्षिक सत्र 2026-27 में छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर में सुधार पर विशेष फोकस
- महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने अधिकारियों, शिक्षकों और शैक्षिक सहयोगियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- ऑनलाइन गोष्ठी में शैक्षिक प्रयासों के समन्वय और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन देने पर जोर
लखनऊ, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 की विभागीय प्राथमिकताओं, अकादमिक रणनीति और कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर में सुधार के उद्देश्य से 28 अक्टूबर को ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, गोष्ठी में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षिक सत्र की अकादमिक प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।
प्रदेश के जनपदों में कार्यरत अधिकारियों, शिक्षकों और शैक्षिक सहयोगियों की सहभागिता से विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति को गति देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
परीक्षा की तैयारी और अकादमिक रणनीति पर होगा मंथन
ऑनलाइन गोष्ठी में कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं की आगामी परीक्षाओं की तैयारी, शैक्षिक सत्र 2026-27 की अकादमिक रणनीति और अधिगम स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य शैक्षिक प्राथमिकताओं पर साझा समझ विकसित करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।
अधिकारियों और शिक्षकों की सहभागिता से मजबूत होंगे प्रयास
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि गोष्ठी में जनपदों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स, जिला समन्वयकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न स्तरों पर कार्यरत शैक्षिक कार्मिकों की भागीदारी से अकादमिक रणनीति पर संवाद और विभागीय समन्वय को मजबूती मिलेगी। साथ ही, शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
ऑनलाइन मंच पर प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर
निर्देशों के अनुसार, गोष्ठी के यू-ट्यूब सेशन में प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने और निर्धारित समय पर सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह मंच शैक्षिक गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उपयोगी प्रयासों को सामने लाने का अवसर प्रदान करेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहल
योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए अकादमिक गतिविधियों तथा विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दे रही है। 28 अक्टूबर को प्रस्तावित ऑनलाइन गोष्ठी शैक्षिक सत्र की रणनीति पर विचार-विमर्श करने, आगामी परीक्षाओं की तैयारी को दिशा देने और विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति से जुड़े प्रयासों को गति देने का अवसर बनेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह