शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार, बच्चों को बेहतर-सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर
- मजबूत होंगी ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूलों में सुविधाएं
- प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्कूलों में पाई जाने वाली कमियों को चिह्नित कर जल्द से जल्द दूर कराने के निर्देश
लखनऊ, 28 अप्रैल (हि.स.)। विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने प्रदेश भर में स्कूलों के कायाकल्प को गति देते हुए बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में मौजूद अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का अभाव अब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर और सुसज्जित विद्यालयी वातावरण मिल सके।
कमियों को दूर करने के लिए चलेगा विशेष अभियान
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कमियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गैप एनालिसिस के माध्यम से हर विद्यालय की जरूरतों का आकलन कर उन्हें पूरा किया जाएगा। जहां संसाधनों की कमी होगी, वहां कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) और संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि कोई भी स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।
‘प्रोजेक्ट अलंकार’: अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अंतर्गत अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन स्कूलों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। यदि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो, तो समेकित प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जाए, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
इसके साथ ही सभी विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल अपनी आवश्यकताओं को दर्ज करेंगे और एनजीओ, सीएसआर व अन्य सहयोगियों के माध्यम से उन जरूरतों को पूरा किया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह