मुख्यमंत्री योगी ने दिया इको फ्रेंडली पर्यटन का मंत्र

 


-यूपी में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सीएम योगी ने बच्चों-अभिभावकों के लिए लिखी पाती

लखनऊ, 26 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखी है। इसमें उन्होंने बच्चों को न सिर्फ छुट्टियों का सदुपयोग करने की राह दिखाई है, बल्कि 'इको-फ्रेंडली पर्यटन' और जिम्मेदार जीवनशैली को अपनाने की सीख भी दी है।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा है कि गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलते ही मन कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एवं जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हो। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं। यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एवं बागवानी जैसी रुचियों को पूरा करने का हो सकता है।

योगी ने अभिभावकों के लिए भी कई जरूरी बातें लिखीं। उन्होंने लिखा कि हममें से अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से नैतिक शिक्षा की कहानियां सुनीं। आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें।

मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रकृति और इको-फ्रेंडली पर्यटन से भी परिचित कराने की अभिभावकों को सलाह दी। उन्होंने लिखा कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर लेकर जाएं, जहां वे प्रकृति के निकट आ सकें और जैव विविधता को अनुभव कर सकें। इसके लिए उन्होंने दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार जैसे स्थलों का सुझाव दिया। इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अपील करते हुए इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लेने के लिए कहा। उन्होंने लिखा कि यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें, प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं जिम्मेदार जीवनशैली का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।

योगी ने पाती में बच्चों को मिट्टी, जल और वृक्ष से जुड़ने के लिखा है। अभिभावकों से कहा कि बच्चों के साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला