गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री योगी ने लिखी पाती, समझाया गुरु का महत्व

 


लखनऊ, 27 जुलाई (हि. स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेश की जनता के नाम चिठ्ठी लिखी है। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के महत्व को समझाया है और 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुओं के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का पर्व है। गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाई जाती है।

उन्होंने कहा कि बौद्ध परंपरा में गुरु पूर्णिमा भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जैन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है। सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सभी परंपराओं में गुरु, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक पर्व है। गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ, श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से ज्ञान प्राप्त किया। जहां गुरु का सम्मान होता है, वहीं समाज उन्नति करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्षों की सरकार में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाखों शिक्षक लाभान्वित हो रहे हैं। 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और आश्रितों को योजना का लाभ मिलेगा।

7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों को भी योजना में शामिल किया गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों को तीन करोड़ तक का सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर किया गया है।

गुरु केवल शिक्षा नहीं, जीवन को सही दिशा भी देते हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुओं के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की आधारशिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला