भारत माता के महान सपूतों के त्याग तपस्या और बलिदान का परिणाम स्वाधीनता : योगी आदित्यनाथ
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर किया ध्वजारोहण
लखनऊ, 15 अगस्त(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजोरोहण किया। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि आज ही के दिन 1947 में एक लंबे संघर्ष त्याग और बलिदान के परिणाम स्वरूप हमारे देश भारत को यह स्वाधीनता प्राप्त हुई। स्वाधीनता का यह एहसास हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में आज कर रहा है, यह भारत माता के उन महान सपूतों बलिदानियों के त्याग उनकी तपस्या और उनके बलिदान का परिणाम है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह सच है कि अंतर विरोधों और खड्यंत्रों के कारण देश गुलाम हुआ लेकिन हमारे देश ने मन मस्तिष्क से इस गुलामी को स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्र में इस गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वतांत्र समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। जब बैरकपुर शहीद मंगल पांडे के नेतृत्व में, झांसी में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में, मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में हर गांव, हर जनपद, हर प्रांत में इस स्वाधीनता की यह लौ जलती हुई दिखाई दे रही थी। सबके मन में एक ही विश्वास और भाव था अपने देश को विदेशी दासता से मुक्त करना है। आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है। आजादी का मतलब उस अराजकता से, उस पिछड़े पन से, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से सर्वथा मुक्ति है जिसके कारण यह देश लगातार कमजोर होता गया। महान सपूतों के त्याग के कारण आज हम सब अपनी आजादी के 79 वर्ष पूरे कर चुके हैं। 80वें स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम के साथ हम सब जुड़े हैं। यह दिवस केवल हमें एक समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा है। यह हमें संपूर्ण आज़ादी के उन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले एवं प्रयासों में एक नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों के निर्वहन के रूप में भी एक नई प्रेरणा प्रदान कर रहा है।
देश में बहुत प्रयास हुए हैं। उसी का परिणाम है कि देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। आज देश आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता हार्दिक बधाई एवं शुभकानाएं देते हुए कहा कि आजादी को बनाए रखने के लिए किसी एक समूह, जाति, संप्रदाय का नहीं बल्कि सामूहिक रूप से देश के प्रत्येक नागरिक को इसके लिए प्रयास करना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला