बाढ़ पीड़ितों का दुख दर्द बांटने चित्रकूट पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, हवाई सर्वे कर देखा हाल, राहत सामग्री बांटी और की पीएम आवास देने की घोषणा

 


चित्रकूट, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट पहुंच कर मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई व स्थलीय निरीक्षण किया। क्षतिग्रस्त तुलसीदास प्रतिमा का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि बाढ़ से बेघर हुए सभी लोगों को पीएम आवास दिए जाएंगे और इस संकट में डबल इंजन की सरकार उनके साथ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों से भेंट कर उनकी मदद कर रहे हैं । वे जगह-जगह जा रहे हैं और प्रभाविताें से सीधा संवाद कर रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री योगी चित्रकूट में बाढ़ प्रभावितों से मिलने, उन्हें राहत सामग्री देने और उनके संकट में संबल बनने के लिए चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने चित्रकूट में बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति देखी, मंदाकिनी नदी के उफान से हुई तबाही का हवाई सर्वे करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे रामघाट पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित व्यापारियों व स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद स्थापित कर बाढ में हुए नुकसान की जानकारी ली। रामघाट के स्थलीय निरीक्षण के समय मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई संत तुलसीदास की प्रतिमा के पास रुके। प्रतिमा की स्थिति को देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से इसके जीर्णोद्धार व सुरक्षा के संबंध में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी

मुख्यमंत्री योगी ने राहत सामग्री व टॉफियां

हवाई सर्वे और रामघाट निरीक्षण के बाद सीएम योगी रामायण मेला पहुंचे। उनके साथ जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी जिला मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री किट वितरित की और बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट व टॉफियां बांटीं।

इस अवसर पर आयाेजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सियाराम के जयघोष कर अपनी बात रखनी शुरु की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने 12 वर्ष जिस धरा पर रहकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया था, आज आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन की सरकार सभी पीडितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन बाढ़ आई, वह बलिया में थे, लेकिन बाढ की स्थिति देख कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबंधित अफसरों को तत्काल बचाव कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे। उन्हाेंने कहा कि इस बार मंदाकिनी में पिछले सालाें की तुलना में कई गुना अधिक पानी आने से यह बाढ़ आयी है।

मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले भी चित्रकूट में बाढ़ आती थी, लेकिन तब की सरकारें संज्ञान नहीं लेती थीं और राहत का सारा पैसा हजम कर जाती थीं। बाढ़ के समय पूर्ववर्ती सरकारों के समय सिर्फ ब्रेड दिए जाने की चर्चा करते हुए कहा कि उन सरकारों में बाढ़ पीडितों की मदद करने के नाम पर भी भ्रष्टाचार किया जाता था। जरूरत की राहत सामग्री नहीं मिलती थी और न ही लोगों का दुख दर्द सुना जाता था लेकिन अब डबल इंजन सरकार हर बाढ़ पीडित की मदद कर रही है और बाढ़ में जिन लोगों के घर बह गए हैं या नष्ट हो गए हैं, उन सभी लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान या जमीन का पट्टा दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने रामायण प्रेक्षागृह में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री की किट वितरित की। मुख्यमंत्री योगी के साथ जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी जिला मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह