मुख्यमंत्री योगी की पहल से बदल रही निराश्रित बच्चों की जिंदगी

 


लखनऊ, 25 मई (हि.स.)।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग निराश्रित, देखरेख, संरक्षण एवं विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। योगी सरकार बाल देखरेख संस्थाओं के माध्यम से हजारों बच्चों को सुरक्षित आश्रय, अच्छी शिक्षा, परामर्श सेवाएं और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध करा रही है। इन संस्थाओं में रह रहे 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।

दरअसल, इन संस्थाओं में बच्चों के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि वह आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। योगी सरकार की इस पहल से बच्चों को नया जीवन, नई दिशा और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

बच्चों ने सफलता हासिल कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप बालगृहों और राजकीय सम्प्रेक्षण गृहों में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में विभागीय संस्थाओं में निवासरत बच्चों ने सफलता हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

213 बच्चों ने सफलता हासिल की

महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि इस वर्ष कुल 213 बच्चों ने विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। इनमें 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने वाले इन बच्चों की यह उपलब्धि न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह सरकार की बाल हितैषी नीतियों और संवेदनशील कार्यप्रणाली का भी प्रमाण है। अपने पारिवारिक सहयोग के अभाव के बावजूद महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में बच्चों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन