जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय : सीएम योगी
-मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में कल्याण मंडपम सहित 612.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया
गोरखपुर, 05 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए वहां की जनता का अभिनंदन करते हुए इसे जन उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सबक बताया है। उन्होंने कहा कि जो भी जनता की उपेक्षा करेगा, विकास के पैसे पर डकैती डालेगा, गुंडों को प्रश्रय देगा और सनातन का अपमान करेगा, उसका सूपड़ा साफ होना तय है। पश्चिम बंगाल की जनता ने ऐसा करके दिखा भी दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ बनेगा।
मुख्यमंत्री योगी मंगलवार दोपहर बाद जंगल बेनी माधव में नवनिर्मित कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का उद्घाटन तथा गोरखपुर के विकास से जुड़ी 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा परिणाम लाती है। अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा होता है। यूपी व गोरखपुर में वर्ष 2017 के बाद से जारी विकास व जनकल्याण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्हाेंने कहा कि जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कुछ करने का दृढ़ संकल्प हो तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। आज यही परिणाम गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश में दिख रहे हैं।
योगी ने कहा कि गोरखपुर का बंद खाद कारखाना कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक बना हुआ था। आज यह खाद कारखाना शानदार तरीके से चल रहा है। नकहा से फर्टिलाइजर फैक्टरी व स्पोर्ट्स कॉलेज जाने के लिए ओवरब्रिज बन गया है। बरगदवा से नकहा होते हुए मोहद्दीपुर तक फोर-लेन सड़क बन गई है। महेश्वर में मुख्य मार्ग फोर-लेन होने से अब जाम नहीं लगता। महेसरा से लखनऊ जाने के लिए जल्द ही माधोपुर, हाबर्ट बंधा होते हुए राजघाट तक के लिए फोर-लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। तब महेसरा से राजघाट जाने में महज पांच मिनट लगेंगे, फोर-लेन बनने से तटबंध भी सुदृढ़ होगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8-9 घंटे लगते थे। आज यह दूरी तीन-साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। वाराणसी जाने में लगने वाला समय भी घटकर ढाई घंटे हो गया है। जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बन रहे फोर-लेन बाईपास से महेसरा होकर कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगेगा। योगी ने कहा कि गति जितनी तेज होगी, विकास भी उतना ही तेज होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने गोरखपुर की छवि को बदला। पहले गोरखपुर की पहचान मच्छर व माफिया से थी। अब माफिया और मच्छर, दोनों गायब हैं। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि और मजबूत सड़कों से है। अब यहां का नौजवान पहचान का मोहताज नहीं, बल्कि सीना तानकर बताता है कि वह गोरखपुर का है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट थी, जो माफिया पालते थे, अराजकता फैलाते थे, उन्होंने प्रदेश की पहचान को शक के दायरे में ला दिया था। उनकी सरकार ने सुरक्षा का माहौल और समृद्धि देकर राज्य को नई मजबूत पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी भी बताई। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम अल्प व मध्यम आयवर्ग के लोगों के सार्वजनिक कार्यक्रमों को भव्य व यादगार बनाने का माध्यम बनेगा। शहर में कुल नाै कल्याण मंडपम या तो बन गए हैं या निर्माणाधीन हैं। इसे बनाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक निधि से राशि दी है।
समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि विकास और जन कल्याण ही मुख्यमंत्री योगी का ध्येय है। उनके नेतृत्व में गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है।
मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण कर इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कल्याण मंडपम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने जीडीए की इन प्रमुख परियोजनाओं का किया शिलान्यास
-एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये।
-लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ रुपये।
-गोरखपुर सोनौली मार्ग पर प्रवेश द्वार का निर्माण, लागत 10.11 करोड़ रुपये।
-वसुंधरा एंक्लेव से पैडलेगंज चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण, आरसीसी नाला व सौंदर्यीकरण कार्य, लागत 22.58 करोड़ रुपये।
-रामगढ़ताल रिंग रोड पर आरकेबीके से सहारा एस्टेट वाले हिस्से में रिटेनिंग वाल की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य, लागत 13.33 करोड़ रुपये।
-गुरुकुल सिटी योजना फेज-1 के तहत सड़क निर्माण, 19.17 करोड़ रुपये।
-गुलरिहा थाना से भटहट मोड़ तक डेकोरेटिव लाइटिंग, लागत 10.11 करोड़ रुपये।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय