मुख्यमंत्री योगी ने नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 का किया उद्घाटन

 


लखनऊ, 10 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इण्डिया की ओर से लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में भारत समेत कई देशों के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हुए हैं। इस माैके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारू भारत सशक्त नहीं हो सकता, समृद्ध नहीं हो सकता और आत्मनिर्भर भी नहीं हो सकता है। स्वास्थ्य के लिए इलाज से पहले लाेगाें काे अपनी दिनचर्या को बदलना होगा। इसके लिए चिकित्सकों को आगे आना होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्था ने लंबी यात्रा तय करने के बाद यह सेमिनार लखनऊ में कर रही है। यह बदलते हुए भारत में उत्तर प्रदेश का नया स्वरूप है। आज भारत नई प्रतिस्पर्धा के साथ दुनिया में खड़ा है। 2017 से पहले यह उत्तर प्रदेश खुद बीमारू राज्य के रूप में खड़ा था। आज भारत में अग्रणी भूमिका में खड़ा है।

यह हम सब के लिए चिंता का विषय है। भारत जैसे देश में जहां प्राचीन काल से ही इन चीजों पर ध्यान दिया जाता रहा है। समय सोना, जगना, संतुलित आहार, पौष्टिक आहार लेना हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। यह सब हमारी दिनचर्या में शामिल था। दिनचर्या बदली, लाइफ स्टाइल बदली और उसके परिणाम भी हम सब के सामने हैं। आज हम सब जिस चुनौती से घिरे हुए हैं। इसके दो पक्ष हमारे सामने है। यह बचाव और एक उपचार का पक्ष है। आपकी उपचार में रुचि में है। आप इस क्षेत्र में रिसर्च में रुचि होगी। लेकिन मेरा मानना है कि बचाव ज्यादा जरूरी है। उसके लिए जागरूकता फैलाना चाहिए। बहुत बड़ी संख्या में इस बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार ने इस ओर कोई ठोस कदम न उठाए हों। आठ से 10 साल पहले कोई व्यक्ति बीमार पड़ता था तो परिवार को सबसे अधिक पैसे की चिंता होती थी। भारत के 60 से अधिक लोगों को हेल्थ स्कीम से जोड़ा गया है। उनका नि:शुल्क इलाज हो रहा है। उप्र में आयुष्मान योजना के अलावा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित किया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही अभी हाल में ही आंगबाड़ी कार्यकर्त्रियों, रसोइयां, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को भी को नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था प्रदान की गयी है। आज यूपी में 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

याेगी ने कहा कि सुविधा बढ़ाने के साथ सरकार ने और भी प्रयास किये हैं। उपकरण सस्ते मिलें, फार्मा पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। यह प्रयास इलाज को सुलभ बनाएंगे। इस सब के बावजूद यदि हमने अपने लाइफ स्टाइल नहीं बदलने से अच्छा जीवन मिल सकता है। मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को भीड़ है। क्या डॉक्टर अपने मरीज को पर्याप्त समय दे पा रहा है। चार से छह घंटे आम जन स्मार्ट फोन के सम्पर्क में है। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग अपने दिनचर्या में बदलाव करें। इसके लिए यदि कोई चिकित्सक कहेगा तो उसकी बात लोग ज्यादा मानेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मिलावटखोरी चरम पर है। एक जिले में मैं गया था। डेरी उत्पाद के बारे में जानकारी की। आप जितना चाहो उतना डेरी उत्पाद आर्डर कर दीजिए, वह सप्लाई कर देते हैं। छापा मरवाया तो हजारों कुंतल खोया और पनीर बरामद हुआ। आज आप कार्यक्रम में जा रहे हैं, क्या खा रहे हैं, इसका कोई ठिकाना नहीं है। जो समझकर खा रहे हैं, वही है, इसका कोई भरोसा नहीं है। इसलिए अपनी दिनचर्या में बदलाव कीजिए। प्रधानमंत्री मोदी ने दवाओं के साथ योग को आगे बढ़ाया। दुनिया उसे अंगीकार कर रही है। उपचार सस्ता हो, इस दिशा में सरकार ने कार्य किया है। भगवान की कृपा है कि गरीब को हृदय रोग कम ही होता है। वह कठिन परिश्रम करता है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारू भारत सशक्त नहीं हो सकता, समृद्ध नहीं हो सकता और आत्मनिर्भर भी नहीं हो सकता है। चिकित्सकों से अपील किया कि वे दोनों पक्षों पर विचार करें। इस फील्ड के लिए अच्छा होगा ही, साथ में स्वस्थ समाज होगा। स्वस्थ समाज से ही देश स्वस्थ एवं समृद्ध होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला