उप्र के किसी भी जिले में न हो अवैध एवं जहरीली शराब का उत्पादन एवं बिक्री : एस.पी. गोयल
मुख्य सचिव ने होली पर्व के दृष्टिगत आबकारी व्यवस्था की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश
लखनऊ, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर होली पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था एवं आबकारी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहार के अवसर पर विशेष सतर्कता बरती जाए और अवैध तथा जहरीली शराब के किसी भी प्रकार के उत्पादन एवं बिक्री को पूर्णतः रोका जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी जनपद में अवैध मदिरा के सेवन से कोई दुर्घटना न होने पाए। इसके लिए संवेदनशील जनपदों में विशेष चौकसी सुनिश्चित की जाए तथा अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में न तो अवैध एवं जहरीली शराब का निर्माण हो और न ही उसकी बिक्री होने पाए।
उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों, ढाबों एवं अन्य संभावित स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री न हो तथा अधिक दर पर मदिरा विक्रय की शिकायत न मिले। सीमा क्षेत्रों, विशेषकर अंतरराज्यीय बार्डर पर सतर्कता बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही भांग की अधिकृत दुकानों पर किसी भी दशा में गांजा की बिक्री न होने देने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने प्रशासन को अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जाए। कानून का उल्लंघन करने वाले तथा अवैध शराब के उत्पादन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि होली पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शराब की दुकानों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बंद न रखा जाए, क्योंकि इससे अवैध तरीके से शराब की क्रय-विक्रय को बढ़ावा मिल सकता है तथा अवैध एवं जहरीली शराब के सेवन से दुर्घटनाओं की संभावना रहती है। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर ही जिला प्रशासन दुकानों की बंदी के संबंध में निर्णय ले, ताकि व्यवस्था संतुलित एवं नियंत्रित बनी रहे।
खनन विभाग की समीक्षा में उन्होंने राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर स्रोत बिंदु पर ही प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहन मालिकों एवं परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण करते रहें तथा मौके पर ही प्रभावी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीना, आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह, सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म माला श्रीवास्तव, विशेष सचिव आबकारी अभिषेक आनंद, विशेष सचिव खनन अरुण कुमार उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा