अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आईआईटी कानपुर में समावेशन और सशक्तिकरण का उत्सव

 


कानपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी) के दिव्यांगजन प्रकोष्ठ ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर मंगलवार को वार्षिक दिवस सफलतापूर्वक आयोजित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. ब्रज भूषण (उप निदेशक, आईआईटी कानपुर), डॉ. आल्मा चोपड़ा (मुख्य अतिथि), विश्वा रंजन (कुलसचिव, आईआईटी कानपुर) और प्रो. अनुभव गोयल (प्रमुख, सीडीएपी) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

तत्पश्चात उद्घाटन सम्बोधन में प्रो. ब्रज भूषण ने संस्थान में सुलभ भौतिक एवं मानसिक वातावरण विकसित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सीडीएपी की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए दिव्यांग छात्रों के सहयोग और सशक्तिकरण के प्रति प्रकोष्ठ की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। विद्यालय की छात्राओं प्रथा तिवारी और सुप्रिया तिवारी द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण भूमिका-नाट्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति के माध्यम से सहानुभूति, समावेशन और सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में डॉ. आल्मा चोपड़ा द्वारा दिया गया प्रेरणादायक व्याख्यान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने आत्म-विश्वास, निरंतर प्रयास और दिव्यांगजनों के लिए समावेशी शिक्षा एवं सामाजिक सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय होता है और दूसरों से तुलना करने से व्यक्ति की वास्तविक क्षमता और पहचान कम हो जाती है।

पूर्व छात्र गोरांक दुडेजा ने अपने छात्र जीवन और पेशेवर अनुभव साझा करते हुए छात्रों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान सीडीएपी : वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियां विषय पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें बीते वर्ष की प्रमुख गतिविधियों, पहलों और उपलब्धियों को दर्शाया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जो डॉ. आल्मा चोपड़ा, प्रो. अनुभव गोयल, प्रो. सिद्धार्थ पांडा, प्रो. आशुतोष मोदी एवं अन्य संस्थान अधिकारियों की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया। अंत में ग्रुप फोटोग्राफी भी हुई, जिसने इस समावेशी और प्रेरणादायक आयोजन को यादगार बना दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप