मीरजापुर : क्रेशर हादसे में चार मजदूरों के मौत प्रकरण में क्रेशर मालिक समेत पांच नामजद -अज्ञात पर केस दर्ज

 


- ब्लास्टिंग के कंपन से पावर हाउस का कमरा ढहने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

मीरजापुर, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के अहरौरा क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एसएस रंजन स्टोन क्रेशर प्लांट में ब्लास्टिंग के दौरान चार मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर अहरौरा थाने में रविवार देर रात मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने हादसे के पीछे लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों को लेकर जांच शुरू कर दी है।

शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हादसा उस समय हुआ, जब बगल की खदान में ब्लास्टिंग की गई। बताया गया कि ब्लास्टिंग से बचने के लिए क्रेशर प्लांट में काम कर रहे मजदूर पावर हाउस के कमरे में चले गए थे। आरोप है कि धमाका करीब 100 मीटर दूर हुआ, लेकिन इसके कंपन से क्रेशर प्लांट का डग कमजोर कमरे पर गिर गया। डग गिरने से पावर हाउस का कमरा भरभराकर ढह गया और उसके मलबे में दबकर चार मजदूरों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव निवासी दुर्योधन विश्वकर्मा (34), अशोक गोंड़ (38), लालबहादुर बैगा (35) और राकेश गोंड़ (30) के रूप में हुई है। चारों एसएस रंजन स्टोन क्रेशर प्लांट में मजदूरी करते थे। हादसे के बाद गांव में भी मातम पसरा हुआ है।

पांच लोगों पर नामजद मुकदमा

मृतक दुर्योधन के चचेरे भाई सूर्यबली की शिकायत पर छह सितंबर की रात 12:46 बजे अहरौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर में खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग करने वाले मनोज यादव तथा क्रेशर से जुड़े शिवकुमार पटेल उर्फ पिंटू, विनोद पटेल और आनंद पटेल को नामजद किया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खदान में ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। ब्लास्टिंग के कंपन से कमजोर ढांचा ढहने के कारण मजदूर उसकी चपेट में आ गए। परिजनों ने हादसे के लिए कथित लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

अफसरों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

हादसे की सूचना मिलते ही मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी पूनम, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की स्थिति की जानकारी ली और मामले में लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस अब ब्लास्टिंग की परिस्थितियों, घटनास्थल की स्थिति और क्रेशर प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ब्लास्टिंग के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासनिक जांच के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा