मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा विंध्यधाम
- भोर की मंगला आरती से देर रात तक लगी रही कतार, गंगा स्नान के बाद मां के दरबार में टेका मत्था
मीरजापुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मां की एक झलक पाने की ललक, आंखों में दर्शन की आस और जुबां पर जय माता दी का जयघोष। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को विंध्यधाम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जगत कल्याणी मां विंध्यवासिनी के दरबार में शीश नवाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भोर में मंगला आरती और भव्य श्रृंगार के बाद मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। गंगा स्नान के बाद घंटों कतार में खड़े श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते रहे। घंटा-घड़ियाल, शंख और नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा धाम भक्तिरस में डूबा रहा।
देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर से लेकर गलियों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मां की एक झलक पाने के लिए भक्तों में उत्साह दिखा। विंध्यधाम की छतों पर साधक आसन लगाकर पूजन-अनुष्ठान करते रहे, वहीं अष्टभुजा पहाड़ पर संत-महात्माओं और साधकों ने मंत्रोच्चार के बीच आदिशक्ति की आराधना की। त्रिकोण परिक्रमा पथ पर मां महाकाली और मां अष्टभुजी के दरबार में भी दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा।
कतार में खड़ी बालिका अचानक हुई बेहोश
मां के दर्शन की प्रतीक्षा के दौरान न्यू वीआईपी मार्ग स्थित गेट नंबर दो के पास 15 वर्षीय संगीता कुमारी अचानक बेहोश हो गई। वह चील्ह थाना क्षेत्र के बल्ली पुरवा की निवासी है और परिजनों के साथ दर्शन करने आई थी। बताया गया कि दोपहर में मध्याह्न आरती के दौरान मंदिर का कपाट बंद होने से वह काफी देर तक कतार में खड़ी रही। परिक्रमा पथ पर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
गेट नंबर दो पर तैनात चिकित्सक ने तत्काल प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर देखभाल के लिए एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। इस दौरान पुरोहित रोहित त्रिपाठी ने स्ट्रेचर की मदद से बालिका को एंबुलेंस तक पहुंचाने में सहयोग किया।
10 रुपये में पूड़ी-सब्जी, रैन बसेरे में ठहरने की सुविधा
नवरात्रि मेले में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से नि:शुल्क रैन बसेरे और रियायती दर पर भोजन की व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन के पास विंध्य विद्या पीठ इंटर कॉलेज परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। नगर पालिका की ओर से 20 सीट वाले शौचालय, पानी के टैंकर और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई है।
इसी परिसर में जिला पूर्ति विभाग की ओर से भोजन स्टाल लगाया गया है, जहां श्रद्धालुओं को 10 रुपये में पांच पूड़ी और सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है। एक ही स्थान पर ठहरने, पेयजल, शौचालय और भोजन की सुविधा मिलने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।
सुरक्षा और सुविधा पर प्रशासन की नजर
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। गंगा घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ रही। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने विंध्यधाम की गलियों में सजी दुकानों से प्रसाद और जरूरत के सामान खरीदे। श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी भी दर्शनार्थियों की सहायता में जुटे रहे। मां विंध्यवासिनी के जयकारों और भक्ति गीतों से देर रात तक विंध्यधाम का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा