उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’: योगेंद्र उपाध्याय

 


लखनऊ, 16 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का व्यापक राज्यव्यापी आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के व्यापक संकल्प से जोड़ा जायेगा।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं अभियान के प्रभारी योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार काे जारी बयान में कहा कि अभियान के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का डेटा संकलित करते हुए त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

एक माह तक चलने वाले अभियान में सेवा, जनभागीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिजिटल माध्यम, युवा सहभागिता और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद को केंद्र में रखा गया है। अभियान के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ प्रमुख हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ से होगी। शाम 7 बजे नागरिक अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा एवं ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जुड़ेंगे। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर तथा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर टूल किट वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला तथा कक्षा 9 से 12 तक चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम से जोड़ा जाएगा। चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों की जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय भव्य प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के माध्यम से 25 से 30 मिनट की मानकीकृत रिकॉर्डेड प्रस्तुति पर आधारित सांस्कृतिक नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जनपद के लिए 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित की जाएंगी और प्रत्येक विधानसभा में सात अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं देश में आए बदलाव की कहानी सहज और प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाएगी।

वहीं ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान के तहत सरकारी योजनाओं और बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की वास्तविक कहानियों को सामने लाया जाएगा। अभियान में 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव पर 60 सेकंड की रील्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आवास, विद्यालय, पंचायत भवन और पुस्तकालय से लेकर एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों तक विकास कार्यों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों तथा उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला संबंधी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ ही हेल्दी बेबी शो, बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, फल एवं मिठाई वितरण तथा अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण की व्यवस्था की जाएगी।

07 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा के माध्यम से प्रत्येक जनपद में सेवा और राष्ट्रसेवा की भावना को जनभागीदारी से जोड़ा जाएगा। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे तथा पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों के माध्यम से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे।

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा में उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां विभिन्न मार्गों से काशी से वडनगर, गुजरात की ओर प्रस्थान करेंगी। मार्ग में पड़ने वाले जनपदों में चौपालों, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।

‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, गांव को सेवा के लिए गोद लेना, योग एवं ध्यान, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य भी रखा गया है। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ पात्र नागरिकों के मौके पर ही आवेदन, पात्रता सत्यापन और योजना के अंतर्गत स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मेलों और प्रत्येक विधानसभा में दिव्यांग कल्याण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मतदाता पंजीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत उत्तर प्रदेश के युवाओं की राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्रों का व्यापक ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन किया जाएगा।

17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। इसमें देशभर से ग्राम प्रधान, सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि एकत्र होकर सेवा और सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा विकसित भारत का संकल्प और वंदे मातरम् का गायन कराने की योजना है। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में राष्ट्र कल्याण, शांति और ‘विकसित भारत’ के संकल्प की सिद्धि के लिए महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठानों का आयोजन भी प्रस्तावित है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन