संगठनात्मक अभियानों के साथ बूथ संरचना खड़ी करने में जुटी भाजपा

 


लखनऊ, 11 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने सोमवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर पार्टी के प्रदेश महामंत्रियों एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विभिन्न संगठनात्मक अभियानों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया गया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए संगठन का प्रत्येक अभियान एवं कार्यक्रम बूथ केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हर बूथ पर निश्चित विजय के संकल्प के साथ कार्य करना है। इसके लिए अथक परिश्रम, सूक्ष्म प्रबंधन और लक्ष्य केंद्रित रणनीति के साथ संगठन को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि बूथ ही भाजपा की वास्तविक शक्ति है और बूथ की मजबूती ही विजय का आधार बनेगी। उन्होंने कहा विपक्ष के पास सिर्फ झूठ, फरेब और भ्रम फैलाने की राजनीति है, हमें हर घर तक पहुंचना है और विपक्ष के झूठ और भ्रम को समाप्त करना है, इसके लिए मजबूत बूथ की संरचना खड़ी करना है।

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि जिला स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित एवं वैचारिक रूप से सशक्त कार्यकर्ता निर्माण करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बूथों पर अब तक बूथ समितियों का गठन नहीं हो पाया है, वहां शीघ्र कार्य पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर मजबूत बूथ समिति, सक्रिय शक्ति केंद्र तथा प्रभावी पन्ना प्रमुखों की संरचना तैयार कर संगठन को और सशक्त बनाना होगा। केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य बूथ स्तर के पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही संभव है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि “हर घर दस्तक” का लक्ष्य सक्रिय बूथ समितियों एवं प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के समर्पित परिश्रम से ही सफल होगा। भारतीय जनता पार्टी का संगठन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ गांव, गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इसकी जानकारी हर घर तक पहुँचे इसके लिए बूथ समितियों को सक्रिय करने की नीति पर काम करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन