महापंचायत में किसानों की हुंकार, निर्दोषों को जेल भेजा तो 75 जिलों में होगा जेल भरो आंदोलन

 


बिजनौर, 06 जुलाई (हि.स.)। जनपद बिजनौर में किसानों की विभिन्न समस्याओं तथा आलोपुर प्रकरण को लेकर साेमवार काे नजीबाबाद मंडी समिति में आयोजित विशाल महापंचायत में हजारों किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पंचायत में किसान नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्दोष किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई में बदल जाएगा।

महापंचायत में गटवाला खाप के राष्ट्रीय संरक्षक बाबा राजेंद्र मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय सचिव (सेवानिवृत्त डीएसपी) उम्मेद सिंह सहित अनेक जनपदों के जिला अध्यक्ष और किसान नेता मौजूद रहे। किसानों के तेवर और आर-पार के संघर्ष के ऐलान को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) डॉ. कृष्ण अवतार सिंह, उप जिलाधिकारी नजीबाबाद, तहसीलदार तथा जिलाधिकारी की ओर से उप जिलाधिकारी रितु चौधरी को महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आश्वस्त करना पड़ा।

राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि आलोपुर प्रकरण में मजदूर की आत्महत्या के लिए यदि कोई सबसे अधिक जिम्मेदार है तो वह नजीबाबाद तहसील प्रशासन है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उप जिलाधिकारी और तहसीलदार समय रहते निष्पक्ष निर्णय लेते तो एक गरीब मजदूर को आत्महत्या जैसा कदम उठाने की नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के दबाव में निर्दोषों पर मुकदमे दर्ज किए गए, जो न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि देश में केवल भारतीय सेना ही एकमात्र आर्मी है, इसलिए आर्मी शब्द का दुरुपयोग कर समाज में भय का वातावरण बनाने वाले संगठनों पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

चौधरी दिगंबर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यदि कोई रावण बनकर समाज में भय और अत्याचार फैलाने का प्रयास करेगा तो उसे यह भी याद रखना चाहिए कि अन्याय के खिलाफ हनुमान भी खड़े होते हैं। जो लोग गुंडागर्दी, दबंगई और बहन-बेटियों के सम्मान पर हमला करने की सोच रखते हैं, उन्हें किसान समाज करारा जवाब देना जानता है।

उन्होंने वर्ष 2008 और 2011 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रशासन को चेताया कि बिजनौर का इतिहास गवाह है कि जब हालात बिगड़े थे तो रातों-रात बड़े अधिकारियों की तैनाती करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन समय रहते निष्पक्ष निर्णय ले, अन्यथा हालात बिगड़ने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की होगी।

दिगंबर सिंह ने कहा कि बिजनौर में कानून का राज चलेगा, किसी दबंग, माफिया या राक्षसी प्रवृत्ति वाले लोगों का नहीं। उन्होंने तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार, बिजली विभाग की जर्जर व्यवस्था और किसानों की लगातार हो रही उपेक्षा पर भी तीखा हमला बोलते हुए किसानों से संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन ही किसान की सबसे बड़ी ताकत है, संगठित किसान के अधिकार कोई नहीं छीन सकता।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने किसान और मजदूर को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि दोनों समाज एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि जातिवाद की राजनीति कर सत्ता हासिल करने का सपना देखने वालों को किसान-मजदूर एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे। विकास की राजनीति होगी, समाज को बांटने की नहीं।

राष्ट्रीय सचिव एवं सेवानिवृत्त डीएसपी उम्मेद सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण में प्रशासन की लापरवाही सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में किसी भी निर्दोष को दबाव बनाकर फंसाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

महापंचायत के अंत में राष्ट्रीय संरक्षक बाबा राजेंद्र मलिक ने जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी निर्दोष किसान या मजदूर को जेल भेजा गया तो देश के 75 जिलों में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भयमुक्त और गुंडामुक्त समाज के संकल्प को अधिकारी स्वयं कमजोर न करें। प्रशासन अपने वादों पर अमल करे, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।

किसानों के आक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी की ओर से पहुंचीं रितु चौधरी ने आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाकर किसानों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. कृष्ण अवतार सिंह ने कहा कि पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष होकर कार्य करेगी, किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा तथा वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महापंचायत का संचालन जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने किया, जबकि अध्यक्षता हाजी हनीफ अहमद ने की।

महापंचायत के समापन पर किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने अपने आश्वासनों पर अमल नहीं किया तो आंदोलन गांव-गांव तक फैलाया जाएगा और किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप लड़ेगा |

हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र