खिरनी प्रकरण में बढ़ते विवाद के बाद जिला प्रशासन ने 145 में कुर्की कर एसडीएम सदर को रिसीवर किया नियुक्त
बिजनौर, 26 अप्रैल (हि.स.) | चर्चित खिरनी प्रकरण को लेकर रविवार को जिला प्रशासन ने भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों से वार्ता की। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव रखा गया कि मौजा सलारपुर की गाटा संख्या 30 पर खड़ी गन्ने की फसल को प्रशासन स्वयं कटवाएगा। दोनों पक्षों में से कोई भी व्यक्ति खेत पर नहीं जाएगा तथा न्यायालय के आदेशानुसार फसल की राशि उस व्यक्ति को दे दी जाएगी, जिसे न्यायालय उचित ठहराएगा।
भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने कहा कि न्यायालय ने 23 मार्च को उनके पक्ष में आदेश दिए थे और वह स्वयं गन्ना कटवाने खेत पर नहीं गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद को पूर्व सांसद ने हवा दी है और खेत पर पहुंचकर जमीन को जबरन विवादित बनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन टकराव टालने के लिए स्वयं फसल कटवाना चाहता है तो संगठन इसका स्वागत करता है और एक कदम पीछे हटने को तैयार है। लेकिन प्रशासन यह भी स्पष्ट करे कि पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह या उनके साथियों को जमीन कब्जाने और जमीन बेचने वालों को धमकाने की खुली छूट क्यों दी गई है।
नितिन सिरोही ने आरोप लगाया कि अंकित, संजय त्यागी और सुधीर कर्णवाल द्वारा जमीन बेचने वाले रिंकू और ओमप्रकाश को लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसकी टेलीफोन रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल 28 अप्रैल को एसपी तथा थाना अध्यक्ष मंडावर को दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे। भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि गन्ने की फसल कटवाने के प्रस्ताव से संगठन सहमत है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि न्यायालय के आदेश होने के बाद भी समरपाल सिंह की विधवा पुत्री संगीता का गन्ना कटवाने में प्रशासन सत्ता पक्ष के नेताओं के सामने बेबस नजर आ रहा है।
वही पूर्व सांसद के किले पर पंचायत की चेतावनी देते हुए जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही ने कहा कि कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में किसी के घर का कानून नहीं चलने दिया जाएगा। यदि सच में पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के किले में ही कानून चलता है और जिला प्रशासन उनके किले से कानून चलने देगा तो किसानों को मजबूर होकर न्याय अथवा मौत मांगने के लिए उनके किले पर पंचायत लगाकर न्याय मांगने के लिए विवश होना पड़ेगा। मौत दे दो या न्याय के नारे के साथ भाकियू अराजनीतिक जल्द ही साहनपुर किले पर महापंचायत करेगा, जहां किसान अपने कागजात लेकर पहुंचेंगे और वहीं तय होगा कि किसके कागजात सही हैं और किसके गलत।
वार्ता में एसडीएम सदर रीतू रानी, सार्थक चावला और फैसल कमर नायब तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकार अंजनी कुमार चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही, जिला महासचिव नितेंद्र प्रधान, अतुल कुमार बालियान, उदयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह डोडबाल, समरपाल सिंह, हुकम सिंह, राकेश प्रधान, शुभम कुमार, विकास कुमार, अंकुर कुमार, देवानंद भुइयार आदि मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने एक पक्ष द्वारा 27 अप्रैल को गन्ना काटने की घोषणा को गम्भीरता से लेते हुए सम्भावित विवाद को देखते हुए एसडीएम नजीबाबाद की रिपोर्ट के क्रम में 145 के तहत जमीन की कुर्की कर दी है और फसल के लिए तहसीलदार सदर को रिसीवर नियुक्त कर दिया गया है।
एसडीएम सदर रीतू रानी ने बताया कि खड़ी गन्ने की फसल को प्रशासन स्वयं कटवाएगा। न्यायालय के आदेशानुसार फसल की राशि उस व्यक्ति को दे दी जाएगी, जिसे न्यायालय उचित ठहराएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र