हरिहरनाथ मंदिर जल चढ़ाने जा रहे गणेश चौथ समिति पदाधिकारियों को पुलिस ने रोक दिया
बिजनौर, 24 अगस्त (हि.स.)। जनपद बिजनौर से सम्भल के हरिहर नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए जा रहे गणेश चौथ समिति धामपुर के पदाधिकारियों को पुलिस ने धामपुर शुगर मिल तिराहा पर बैरीकेडिंग कर रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। समिति पदाधिकारियों ने शांतिपूर्वक मंदिर जाने और जलाभिषेक करने की अनुमति देने की मांग की।
बताया गया कि गणेश चौथ समिति धामपुर के पदाधिकारी करीब छह सात वाहनों के काफिले के साथ धामपुर से स्योहारा काठ मुरादाबाद होते हुए संभल स्थित हरिहर नाथ मंदिर के लिए रवाना हुए थे। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि वे काफी वर्षों से लगातार हरिहर नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए जाते रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें पुलिस द्वारा रास्ते में रोक दिया जाता है। इस बार भी पदाधिकारी धार्मिक आस्था के अनुसार शांतिपूर्वक जल चढ़ाने के उद्देश्य से मंदिर के लिए रवाना हुए थे।
समिति पदाधिकारियों के अनुसार प्रशासन को उनके कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी। उनका आरोप है कि साेमवार सुबह करीब छह बजे से ही पुलिस द्वारा पदाधिकारियों के घरों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही समिति के पदाधिकारी अपने वाहनों के साथ धामपुर से स्योहारा की ओर रवाना हुए और आगे संभल स्थित हरिहर नाथ मंदिर जाने लगे, पुलिस ने स्योहारा मार्ग में बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद समिति पदाधिकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। पदाधिकारियों ने पुलिस से कहा कि वे किसी प्रकार का विवाद या अशांति नहीं चाहते हैं। उनका उद्देश्य केवल शांतिपूर्वक हरिहर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।
आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने पर समिति के पदाधिकारी सड़क पर ही बैठ गए और “हरिहर मंदिर जाएंगे, जल वहीं चढ़ाएंगे” जैसे नारे लगाने लगे। मौके पर काफी देर तक समझाने-बुझाने और बातचीत का दौर चलता रहा। समिति पदाधिकारियों ने प्रशासन से शांतिपूर्ण तरीके से मंदिर पहुंचने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
गणेश चौथ समिति के संयोजक विजय जैन ने कहा कि समिति के पदाधिकारी वर्षों से धार्मिक आस्था के अनुसार हरिहर नाथ मंदिर में जल चढ़ाने जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी सभी लोग शांतिपूर्वक यात्रा कर रहे थे और किसी तरह का विवाद पैदा करना उनका उद्देश्य नहीं था। उन्होंने प्रशासन से धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जल चढ़ाने की अनुमति देने की मांग की।
उधर समिति के सहसयोजक संयम जैन ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब नमाज पढ़ी जा सकती है तो जल क्यों नहीं चढ़ाया जा सकता?” उन्होंने प्रशासन से सभी धार्मिक गतिविधियों में समान व्यवहार किए जाने और श्रद्धालुओं को शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का अवसर देने की मांग की।
काफी देर तक चली बहस और बातचीत के बाद समिति पदाधिकारियों ने पास के शिव मंदिर में जल चढ़ाया। इसके बाद पुलिस ने पदाधिकारियों को मुचलकों पर छोड़ दिया। घटना के दौरान मौके पर धामपुर पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं था।
पुलिस-प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत पदाधिकारियों को रोके जाने की कार्रवाई की गई। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समिति पदाधिकारियों ने प्रशासन से भविष्य में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकालने की अपील की है, जिससे शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो सकें। कार्यक्रम में सत्येंद्र कुमार प्रीतम कुमार मयंक चौहान अभिषेक ठाकुर अभिषेक शर्मा गौरव कुमार उदय प्रभूषित नीरज संजय सैनी राहुल कुमार वीरेंद्र कारीगर मयंक चौहान अजय राजपूत शोभित अग्रवाल अनु वर्मा यश शर्मा आदर्श चौहान एवं दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र