कौशांबी हादसे के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार , घनी आबादी व पेट्रोल पंप के नजदीक आतिशबाजी कारोबार पर उठे सवाल
बिजनौर, 14 सितम्बर (हि.स.)। कौशांबी में पटाखा विस्फोट के दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, लेकिन लगता है कि नहटौर क्षेत्र में जिम्मेदार विभागों ने इससे कोई सबक नहीं लिया है। नूरपुर रोड पर आबादी के बीच संचालित एक पटाखा दुकान को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। लोगों का सवाल है कि आखिर किस आधार पर घनी आबादी और पेट्रोल पंप के समीप आतिशबाजी का कारोबार संचालित करने की अनुमति दी गई है।
जानकारी के अनुसार आज़ाद हिन्द ट्रेडिंग एण्ड कंपनी (रजि.) नाम से संचालित प्रतिष्ठान पर वर्षभर आतिशबाजी सामग्री उपलब्ध होने का प्रचार किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दुकान आबादी के बीच स्थित है और भारत पेट्रोल पंप से भी अधिक दूरी पर नहीं है। ऐसे में यदि किसी कारणवश आग लगने या विस्फोट जैसी घटना हो जाए तो उसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित प्रतिष्ठान को कुछ छूट प्रदान की गई है। हालांकि यह छूट किस नियम के तहत दी गई, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी। अब क्षेत्र में चर्चा है कि जब शासन के नियम सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं तो आखिर यह विशेष छूट किस आधार पर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अन्य लाइसेंसधारी दुकानों पर कार्रवाई हो सकती है तो फिर इस प्रतिष्ठान के लिए अलग नियम क्यों हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना हो जाती है और आसपास की बस्ती या पेट्रोल पंप प्रभावित होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से कार्यवाही की मांग की है |
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र