विंध्य महोत्सव में भरतनाट्यम और लोक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

 


- एमएलसी विनीत सिंह ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ, कलाकारों को किया सम्मानित

मीरजापुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी धाम, विंध्याचल में आयोजित नौ दिवसीय विंध्य महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंगलवार को कलाकारों ने लोकगीत, लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। सदस्य विधान परिषद श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर और देवी चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्राचीन काल से ही समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और लोक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। इन परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। विंध्य महोत्सव स्थानीय और बाहरी कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ सांस्कृतिक एकता और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है।

कार्यक्रम में कोलकाता की देवयानी वसु और नमाली घोष ने भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। मीरजापुर के विष्णु प्रजापति, सुरेश मौर्य, देवी प्रसाद, रामनारायण, प्रीतू, शिलू, शिवलाल गुप्ता, निर्मला प्रजापति, सरिता, कीर्ति, अमित दूबे और खुशबू दूबे ने भी प्रस्तुतियां दीं। भदोही के सुरेश लाल यादव, सोनभद्र के महेंद्र कुमार, वाराणसी की वरन्या सिन्हा और नूपुरवाणी नृत्य एकेडमी की टीम ने भी दर्शकों की सराहना बटोरी।

एमएलसी विनीत सिंह और डिप्टी कलेक्टर जूही प्रसाद ने कलाकारों को मां विंध्यवासिनी का चित्र, चुनरी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान रूपेश श्रीवास्तव, अजू मौर्या सहित अधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

14 अक्टूबर को विंध्य महोत्सव में लोकगीत और भजनों की धूम

विंध्य महोत्सव के मंच पर 14 अक्टूबर को विभिन्न जनपदों और प्रदेशों से आए कलाकार लोकगीतों और भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा प्रयागराज के दीपेन्द्र जागरण ग्रुप और प्रतिज्ञा, भदोही के माता सीता संस्कृति धरोहर ग्रुप, लखनऊ के आदर्श मिश्रा, रायबरेली के राजू रंगीला, कानपुर की क्रांतिमाला और बाराबंकी की सरोज श्रीवास्तव लोकगीतों व भजनों की प्रस्तुति देंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा