विकसित भारत के निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं : प्रो. राज कुमार मित्तल
लखनऊ , 15 अगस्त (हि.स.)। बाबासाहेब डाॅक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई।
विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सामाजिक उद्यमी एवं डेक्सटेरिटी ग्लोबल के फाउंडर और सीईओ शरद विवेक सागर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा एवं विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले दिग्गज उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश को केवल आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि तथा देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए युवाओं को कौशल विकास, नवाचार, सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता पर विशेष ध्यान देना होगा। तकनीकी एवं डिजिटल बदलावों के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट करते हुए युवा न केवल रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता भी बन सकते हैं।
मुख्य अतिथि एवं डेक्सटेरिटी ग्लोबल के फाउंडर और सीईओ शरद विवेक सागर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि उसने उस महान भूमि पर जन्म लिया है, जिसने विश्व को ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और मानवता की समृद्ध परंपरा दी है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व के अनेक विद्वान भारतीय उपनिषदों और सिद्धार्थ जैसे ग्रंथों से प्रेरणा लेते रहे हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से मंच पर उपस्थित एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं अद्वितीय परिवर्तन लाने वाले परिवर्तनकर्ताओं में एक कोशिश ऐसी भी संस्था के माध्यम से अंतिम संस्कार सहयोग, निःशुल्क एंबुलेंस एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वर्षा वर्मा, मालवीय मिशन के माध्यम से कुष्ठ रोग से प्रभावित बच्चों एवं वनवासी बच्चों के कल्याण और उनके बेहतर भविष्य के कार्यों के लिए देवेंद्र अस्थाना, वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से विशेष रूप से थारू जनजाति के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए सुधीर कुमार गुप्ता, उद्यमिता एवं उद्योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए एफ.सी. मोगा एवं गिरीश पीपल तथा निदेशक, आईसीएआर - इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रापिकल हार्टिकल्चर, लखनऊ को कृषि के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण वैज्ञानिक, शोध एवं तकनीकी योगदान के लिए डॉ. टी. दामोदरन को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह