फर्जी वकीलों पर बार का शिकंजा, जांच शुरू होते ही कई संदिग्ध परिसर से खिसके
मीरजापुर, 03 जून (हि.स.)। चुनार तहसील परिसर में बुधवार को फर्जी अधिवक्ताओं के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान से हड़कंप मच गया। नव युवक अधिवक्ता समिति के नेतृत्व में बार काउंसिल के निर्देश पर अधिवक्ताओं के रजिस्ट्रेशन, सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) और परिचय पत्रों की गहन जांच की गई। जांच शुरू होते ही अधिवक्ता की वेशभूषा में घूम रहे कुछ संदिग्ध लोग चुपचाप परिसर छोड़कर निकल गए।
अभियान के दौरान टीम ने तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर और सीटों पर पहुंचकर उनके पहचान पत्रों का सत्यापन किया। बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता के नाम पर फर्जी तरीके से कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है।
बार अध्यक्ष शिवशंकर सिंह एडवोकेट ने बताया कि बार काउंसिल के दिशा-निर्देशों के तहत फर्जी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता की आड़ में कार्य करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे निर्धारित वेशभूषा में तहसील आएं तथा अपने साथ बार काउंसिल का वैध परिचय पत्र अवश्य रखें, जिससे जांच के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जांच अभियान में अध्यक्ष शिवशंकर सिंह एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राममूरत यादव, महामंत्री रामबिलास सिंह एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार, पूर्व अध्यक्ष मुन्नू प्रसाद गुप्ता, रामनिहाल सिंह और शिवशंकर सिंह यादव सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा