यूपी में पांच दिन थमेगा बैंकिंग कामकाज, 26 और 27 सितंबर अवकाश, 28 से तीन दिवसीय हड़ताल
-पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत पेंशन और पीएलआई पर कर्मचारियों का जोर
लखनऊ, 23 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में सितंबर के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ने की स्थिति बन रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज नहीं होगा। इस तरह 26 से 30 सितंबर के बीच लगातार पांच दिनों तक शाखाओं की सामान्य सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं पर होने वाले नकदी लेनदेन, चेक से जुड़े काम, ऋण संबंधी प्रक्रियाओं और ग्राहकों के प्रत्यक्ष संपर्क वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है। प्रदेश में इस हड़ताल से कुल कितनी राशि का कारोबार प्रभावित होगा, इसका फिलहाल कोई आधिकारिक अनुमान उपलब्ध नहीं है। हालांकि, 11 सितंबर को हुई पिछली एक दिवसीय बैंक हड़ताल में अकेले लखनऊ में करीब 2,500 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की जानकारी सामने आई थी। वाराणसी में भी लगभग 800 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित होने की सूचना थी।
कर्मचारियों की मुख्य मांग पांच दिन बैंकिंग
बैंक यूनियन पदाधिकारी पुष्पांकर जैन ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में है। उनके मुताबिक सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के लिए कामकाज के समय में जरूरी समायोजन का प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है, लेकिन इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि यूनियन की मांगों में पेंशन से जुड़े लंबित विषयों के साथ प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई व्यवस्था में सुधार भी शामिल है। कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रोत्साहन व्यवस्था में समान अवसर और स्पष्ट मानदंड तय करने की मांग की जा रही है। यूनियन का कहना है कि पीएलआई का निर्धारण बैंक के सामूहिक प्रदर्शन को आधार बनाकर किया जाना चाहिए।
माह के अंत में छमाही बंदी भी
30 सितंबर को छमाही वित्तीय बंदी होने के कारण इस अवधि में बैंकिंग संस्थानों में वित्तीय अभिलेखों और खातों से संबंधित प्रक्रियाएं भी चलती हैं। ऐसे में हड़ताल, दो दिन के नियमित अवकाश और छमाही बंदी के एक साथ पड़ने से महीने के अंतिम दिनों में बैंक शाखाओं में लंबित कार्य बढ़ने की आशंका है।
ऑनलाइन सेवाओं से ग्राहकों को राहत की उम्मीद
हड़ताल का असर मुख्य रूप से शाखाओं में होने वाले प्रत्यक्ष कामकाज पर पड़ने की संभावना है। यूपीआई, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग तथा एटीएम सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है। हालांकि, लगातार पांच दिनों तक शाखाओं का काम प्रभावित होने पर कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी भरने और चेक निपटान जैसी सेवाओं में देरी हो सकती है।
बैंक ग्राहकों को सलाह दी गई है कि जिन कामों के लिए शाखा जाना जरूरी है, उन्हें हड़ताल शुरू होने से पहले पूरा कर लें। विशेष रूप से नकदी की आवश्यकता, चेक जमा करने और ऋण अथवा अन्य वित्तीय दस्तावेजों से जुड़े जरूरी कार्य समय रहते निपटाने से हड़ताल के दौरान होने वाली संभावित असुविधा से बचा जा सकता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा