औरैया में मासूम बालक के साथ दुष्कर्म के दोषी युवक को 25 वर्ष की कैद
-कोतवाली अजीतमल क्षेत्र का पांच साल पुराना मामला, 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगा
औरैया, 02 जुलाई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में लगभग पांच साल पूर्व एक पांच वर्षीय मासूम बालक के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 25 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने दोषी पर 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने इस गंभीर मामले में कर्तव्यों का सही पालन न करने व लापरवाही बरतने वाले विवेचक, चिकित्सक व विधि विज्ञान प्रयोगशाल के विरुद्ध कार्यवाही के लिए प्रदेश शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया है।
मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो मृदुल मिश्र ने बताया कि अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में घटित इस घिनौनी वारदात की रिपोर्ट वादिनी ने पंजीकृत कराई। वादिनी ने लिखा कि 22 सितंबर 2021 की सुबह 10 बजे घर के दरवाजे पर उसका पांच वर्षीय पुत्र खेल रहा था। तभी उसके गांव का 19 वर्षीय लड़का तैय्यब पुत्र सरफू उसके लड़के को अपने साथ ले गया तथा गांव के पास खेत में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। बच्चा जब घर वापस आया तो उसकी कपड़े में खून लगा हुआ देख मां ने पूछा तो उसने अपने साथ हुए कृत्य की सारी बात बताई। वादिनी बच्चे के साथ कोतवाली पहुंची, जिस पर तैय्यब के विरुद्ध पाॅक्सो व धारा 377 का मुकदमा पंजीकृत हुआ। पुलिस ने अगले ही दिन आरोपित को गिरफ्तार कर लिया व उसके विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की कोर्ट में चला तथा गुरुवार को इसका निर्णय सुनाया गया।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो मृदुल मिश्र ने पांच वर्षीय मासूम बालक के साथ इस जघन्य अपराध को करने वाले अभियुक्त को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने मामले में बरती गई अनियमितताओं का फायदा लेकर उसे निर्दोष साबित करने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी तैय्यब को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया व उस पर 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित को अदा करने का भी आदेश दिया। सजा पाए तैय्यब को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
विवेचक, चिकित्सक व विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर कार्यवाही को लिखा
विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में पांच वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म जैसे घृणित मामले में पुलिस ने विभाग व चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार किया। इस मामले की विवेचना करने वाले दरोगा सुरजीत सिंह, मेडिकल करने वाले डाॅक्टर व विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विरुद्ध प्रदेश सरकार के उच्च आला अधिकारियों को कार्यवाही के लिए लिखा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार न्यायालय ने अपने निर्णय में विवेचक द्वारा अपनाई गई खामियों का उल्लेख करते हुए उनके कृत्य को लापरवाही व अज्ञानता दर्शित करने वाला बताया। तथा डाॅक्टरी करने वाले चिकितसक द्वारा चिकित्सीय परीक्षण करने में लापरवाही के बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कर्तव्यों का सही पालन न करने की बात लिखी। इसके अलावा विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा द्वारा पीड़ित बालक की एमएसएल रिपोर्ट प्रस्तुत न करने को घोर कदाचार का द्योतक बताया। रिपोर्ट के उपलब्ध न होने से मामले की कार्यवाही विलंबित हुई। इसके लिए निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला या उनके अधीन विधि वैज्ञानिक के द्वारा की गई लापरवाही को जिम्मेदार कोर्ट ने माना। न्यायालय ने मुख्य सचिव उ.प्र., पुलिस महानिदेशक उ.प्र. व प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ.प्र. को इन दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने को लिखा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार