औरैया : यमुना का बढ़ता जलस्तर देख तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की बढ़ी चिंता,एसडीएम ने सिकरोड़ी पुल पहुंचकर लिया जायजा

 


औरैया, 13 अगस्त (हि.स.)। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। इसका असर उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में जलस्तर बढ़ने से यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के चेहरे पर अब दिखने लगी हैं और उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं, प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और बाढ़ की आशंका को देखते हुए निगरानी तेज कर दी गई है।

उपजिलाधिकारी अजीतमल निखिल राजपूत राजस्व टीम के साथ गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सिकरोड़ी पुल पहुंचे। उन्होंने यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया और सिकरोड़ी गांव के तीनों हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन स्थानों को भी देखा, जहां से यमुना का पानी गांव की ओर प्रवेश करता है। एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने को कहा।

बताया गया कि पिछले दो दिनों से यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार शाम जलस्तर करीब 104 मीटर पहुंच गया था, जबकि गुरुवार सुबह आठ बजे तक यह बढ़कर करीब 104.250 मीटर हो गया। हालांकि यमुना का वार्निंग लेवल 112 मीटर और डेंजर लेवल 113 मीटर निर्धारित है।

वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है। लेकिन यमुना के तटवर्ती होने के चलते सिकरोड़ी गांव को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर गांव का बड़ा हिस्सा पानी से प्रभावित हो जाता है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ता है। पिछले वर्षों में आई बाढ़ को देखते हुए ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है और यमुना का बहाव सामान्य है। फिर भी तटवर्ती गांवों में तैनात लेखपालों को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार