स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, आठ का चालान, मारुति वैन निरुद्ध

 


मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत एआरटीओ ने की प्रवर्तन कार्रवाई, अभिभावकों से मानक पूर्ण वाहनों से बच्चों को भेजने की अपील

औरैया, 16 सितंबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त लखनऊ के निर्देश पर स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत बुधवार को प्रवर्तन कार्रवाई की गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) औरैया एनसी शर्मा के नेतृत्व में स्कूल वाहनों की जांच की गई। इस दौरान वाहन मानकों के विरुद्ध संचालित पाए गए आठ स्कूली वाहनों के चालान किए गए।

जांच के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के दस्तावेज, पंजीकरण और निर्धारित मानकों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान एक मारुति वैन ऐसी पाई गई, जिसका पंजीकरण नॉन ट्रांसपोर्ट व्हीकल के रूप में था, लेकिन उसका उपयोग स्कूली वाहन के तौर पर किया जा रहा था। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर परिवहन विभाग ने उक्त मारुति वैन को औरैया कोतवाली की देवकली चौकी में निरुद्ध करा दिया।

एआरटीओ एनसी शर्मा ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने और वापस घर लाने वाले वाहनों का निर्धारित मानकों को पूरा करना आवश्यक है। नियमों की अनदेखी कर स्कूली वाहन के रूप में किसी भी ऐसे वाहन का संचालन नहीं किया जा सकता, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप न हो।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से स्कूली वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एआरटीओ ने अभिभावकों से भी विशेष अपील करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके सुरक्षित आवागमन के लिए अभिभावक यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को केवल मानक पूर्ण और निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित स्कूल वाहनों से ही स्कूल भेजा जाए। वाहन का चयन करते समय उसके पंजीकरण और आवश्यक मानकों की जानकारी अवश्य कर लें, जिससे बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार