फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सरकारी नौकरी का झांसा, युवक से 8.89 लाख की ठगी

 

फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने व ठगी होने की पुलिस कप्तान से लगाई गुहार

औरैया, 24 जुलाई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अजीतमल कोतवाली निवासी एक युवक ने मैनपुरी के एक व्यक्ति पर लखनऊ सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 8.89 लाख रुपये की ठगी करने, फर्जी नियुक्ति पत्र देने, उसकी स्कॉर्पियो का दुरुपयोग करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक औरैया को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शास्त्री नगर, बाबरपुर निवासी पुष्पेन्द्र सिंह ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि पत्नी की बीमारी के कारण वह अपनी स्कॉर्पियो की ऋण किस्तें जमा नहीं कर पा रहा था। इसी दौरान मैनपुरी निवासी अनिल यादव उर्फ आशीष यादव ने स्वयं को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए वाहन लोन का सेटलमेंट कराने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसकी सचिवालय के अधिकारियों तक सीधी पहुंच है और वह बाबू व चपरासी के पद पर सरकारी नौकरी लगवा सकता है।

पीड़ित के अनुसार आरोपित ने बाबू के पद के लिए छह लाख तथा चपरासी के लिए तीन लाख रुपये खर्च होने की बात कही। भरोसा दिलाकर उसने पहले स्कॉर्पियो अपने पास रखवा ली और कहा कि नौकरी लगने के बाद पैसा लौटाकर वाहन वापस ले लेना।

बाद में आरोपित के कहने पर पीड़ित ने अपने दस्तावेज सौंप दिए तथा अपनी मौसेरी बहन को भी नौकरी के लिए तैयार कर लिया। बहन ने जेवर गिरवी रखकर और उधार लेकर रुपये जुटाए।

शिकायत के अनुसार पीड़ित ने आरोपित को करीब तीन लाख रुपये नकद तथा 5.89 लाख रुपये बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इस बीच आरोपित ने स्कॉर्पियो का उपयोग भी किया, उस पर कथित रूप से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाया और दुर्घटनाग्रस्त होने का वीडियो भी पीड़ित को भेजा।

पीड़ित का आरोप है कि लंबे समय तक टालमटोल करने के बाद आरोपित ने सचिवालय के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर वाला कथित फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप दिया तथा मार्च 2026 में ज्वाॅइनिंग के नाम पर लखनऊ भी ले गया। वहां अधिकारियों के उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर वापस भेज दिया। जब रुपये वापस मांगे गए तो आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपित एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता है। शिकायत के साथ बैंक लेन-देन का विवरण, कथित नियुक्ति पत्र, चैट के स्क्रीनशॉट तथा वाहन से संबंधित फोटो और वीडियो भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपे गए हैं।

पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी, आपराधिक विश्वासभंग, धमकी सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीतमल मनोज गंगवार द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार