औरैया : हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, दो पुलिसकर्मी करेंगे साक्ष्य संकलन

 


हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, दो पुलिसकर्मी करेंगे साक्ष्य संकलन

औरैया, 16 सितंबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए औरैया पुलिस की ओर से थाना स्तर पर ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स)’ का गठन किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य घटनास्थल से साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संकलन को मजबूत करना और आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना रहा। जनपद के प्रत्येक थाने में गठित मिनी फील्ड यूनिट में दो-दो पुलिसकर्मियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है।

प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की टीम किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर त्वरित रूप से पहुंचकर निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार साक्ष्यों का संकलन करेगी। इससे घटनास्थल पर महत्वपूर्ण साक्ष्यों के सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से एकत्र किए जाने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसे में घटनास्थल से साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से करना विवेचना की गुणवत्ता के लिए जरूरी है।

जनपद की फॉरेंसिक टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों और विभिन्न उपकरणों के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक रूप से भी प्रशिक्षित किया गया, ताकि वास्तविक घटनास्थल पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और एकत्र करने में किसी प्रकार की कमी न रहे।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि इस पहल से जिले में विवेचना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर संकलन से अभियोजन को मजबूती मिलने और न्यायालय में मामलों के प्रभावी निस्तारण में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार