अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी पर काशी के पांच नागरिकों को मिला वेद सेवक सम्मान
वाराणसी, 27 सितम्बर (हि. स.)। विश्व हिंदू परिषद की काशी इकाई द्वारा श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के महानायक अशोक सिंहल की 100 वीं जयंती यानी जन्म शताब्दी मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नरसिंह मठ में वेद भगवान के पूजन के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन तथा अशोक सिंहल के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात वेदों के प्रचार प्रसार तथा उल्लेखनीय सेवा में योगदान देने वाले काशी के पांच गणमान्य नागरिकों सुमित सर्राफ, सौरव मिश्रा, सुरेश जायसवाल, राष्ट्रवादी सौरभ, दीपक खन्ना को वेद सेवक सम्मान से सम्मानित किया गया।
जन्म शताब्दी के मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (पूर्व उत्तर प्रदेश) के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋषिकेश मनोकामना हनुमान मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर डॉ रामेश्वर दास जी श्री वैष्णव ने किया। अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के सह मंत्री सत्य प्रकाश सिंह एवं काशी प्रांत की मातृशक्ति अध्यक्ष अनीता सिंह थीं। संचालन श्याम सुंदर सिंह एवं हरि कृष्ण दास गुजराती ने किया। अतिथि परिचय विजय चौधरी ने कराया।
इस अवसर पर संघ प्रचारक चंद्र मोहन, सत्यनारायण पीपलवा, कनक लता मिश्रा पार्षद- बिंदु माधव, संजय विश्वंभरी पार्षद -काल भैरव, बबलू सेठ, अमित चौरसिया, साहिल गुप्ता, समर्थ केसरी, रजनीश अग्रवाल, प्रभात मल्होत्रा, निखिल त्रिपाठी, रमेश सिंह, सुनील शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में नागरिक एवं वेदपाठी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में ध्येय वाक्य अशोक सिंघल की अंतिम इच्छा, घर-घर पहुंचे वैदिक शिक्षा का सभी ने संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / शरद